मेरठ सेंट्रल मार्केट धरना रंग लाया, लखनऊ टीम ने दिया राहत का आश्वासन
मेरठ सेंट्रल मार्केट धरना: लखनऊ से आई अधिकारियों की टीम ने दिया आश्वासन, महिलाओं के 13 दिन के आंदोलन का दिखा असर
मेरठ। शहर के सेंट्रल मार्केट स्थित तिरंगा रोड पर पिछले 13 दिनों से चल रहा महिलाओं का धरना अब असर दिखाता नजर आ रहा है। लंबे समय से जारी इस आंदोलन के बाद बुधवार को लखनऊ से उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम मेरठ पहुंची और व्यापारियों व धरने पर बैठी महिलाओं से बातचीत की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर इस मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
धरने पर बैठी महिलाओं और स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह आंदोलन उनके मकानों और दुकानों को बचाने के लिए किया जा रहा है। लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद अब शासन स्तर पर हलचल तेज हो गई है, जिससे लोगों में राहत की उम्मीद जगी है।
लखनऊ से मेरठ पहुंची उच्च स्तरीय टीम
बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रधान सचिव पी गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त बलकार सिंह मेरठ पहुंचे।
तीनों अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी में अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, अजय गुप्ता, सेंट्रल मार्केट तिरंगा चौक व्यापार संघ अध्यक्ष मनोज गर्ग समेत कई प्रतिनिधियों और महिलाओं को बुलाया गया।
बैठक में अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और पूरे मामले की गंभीरता को समझा।
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सेटबैक और भवन निर्माण की जांच के निर्देश
अधिकारियों ने आवास विकास विभाग के अफसरों को निर्देश दिए कि दुर्बल आय वर्ग (EWS) के सभी मकानों के पुराने मानचित्रों की जांच की जाए। यह देखा जाएगा कि आवंटन के समय मकानों में सेटबैक के लिए जगह छोड़ी गई थी या नहीं।
इसके साथ ही अधिकारियों ने रोजाना 10-10 भवनों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। जांच में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भवन पिलर पर बने हैं या केवल चार इंच की दीवारों पर खड़े किए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मकानों में तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई तो कई भवन पूरी तरह गिर सकते हैं, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता है।
व्यापारियों की शिकायतें सुनने का आदेश
बैठक के दौरान अधिकारियों ने आवास विकास विभाग के कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे रोजाना कम से कम एक घंटे क्षेत्र में जाकर लोगों की शिकायतें सुनें। इससे स्थानीय लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सकेगा।
व्यापारियों ने कहा कि अब तक उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया था, लेकिन अब शासन स्तर से टीम आने के बाद उम्मीद बढ़ी है।
सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा पक्ष
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
इस फैसले के बाद सेंट्रल मार्केट के मकान मालिकों, व्यापारियों और धरने पर बैठी महिलाओं में राहत की भावना देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि सरकार सकारात्मक रुख अपनाती है तो हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है।
महिलाओं के संघर्ष को मिली पहली बड़ी सफलता
13 दिनों से लगातार धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा, जब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आता। फिलहाल लखनऊ से आई टीम के आश्वासन ने आंदोलन को नई उम्मीद दी है।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में अब सबकी नजर शासन के अगले कदम और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी है।
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