मेरठ में एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई: JE और ड्राइवर 1 लाख की घूस लेते गिरफ्तार Slug
मेरठ में एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई: एक लाख की घूस लेते जेई और ड्राइवर गिरफ्तार
राजकीय निर्माण निगम में पेमेंट पास कराने के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
मेरठ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजकीय निर्माण निगम में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) और उसके ड्राइवर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मेडिकल थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह की गई। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। आरोपियों के खिलाफ मेडिकल थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ठेकेदार से पेमेंट रिलीज करने के बदले मांगी थी घूस
जानकारी के अनुसार ठेकेदार सत्येंद्र कुमार राजकीय निर्माण निगम में ठेकेदारी का काम करते हैं। सत्येंद्र का विभाग में काफी समय से भुगतान अटका हुआ था। आरोप है कि विभाग में तैनात अवर अभियंता योगेंद्र कुमार ने पेमेंट रिलीज करने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लगातार दबाव बनाए जाने और भुगतान रोके जाने से परेशान होकर ठेकेदार ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन डिपार्टमेंट से कर दी।
यह भी पढ़िए - मेरठ के 8 नमो भारत स्टेशनों पर कमर्शियल स्पेस का टेंडर जारी | NCRTC News
केमिकल लगे नोटों के साथ बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन डिपार्टमेंट की टीम ने पूरे मामले की जांच की और रिश्वतखोरी के आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। मंगलवार सुबह टीम ने ठेकेदार सत्येंद्र कुमार को केमिकल लगे एक लाख रुपये के नोट दिए और योगेंद्र कुमार से मिलने भेजा।
बताया गया कि जेई योगेंद्र कुमार ने सीधे पैसे लेने के बजाय अपने ड्राइवर नीरज को रकम लेने के लिए भेजा। जैसे ही ड्राइवर नीरज ने रिश्वत की रकम ली, पहले से घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश
ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद जेई योगेंद्र कुमार ने मौके से फरार होने की कोशिश की, लेकिन एंटी करप्शन टीम ने पीछा कर उसे भी पकड़ लिया। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मेडिकल थाने लाया गया, जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
सरकारी विभागों में मचा हड़कंप
एंटी करप्शन डिपार्टमेंट की इस कार्रवाई के बाद राजकीय निर्माण निगम समेत कई सरकारी विभागों में हड़कंप की स्थिति है। बताया जा रहा है कि टीम अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मेरठ में बढ़ रही एंटी करप्शन की सक्रियता
पिछले कुछ समय में मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एंटी करप्शन डिपार्टमेंट लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। सरकारी कार्यालयों में रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इस कार्रवाई को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
Bhartiyavani.com ( भारतीय वाणी ) एक राष्ट्रीय हिन्दी न्यूज़ वेबसाइट है। यह 2019 में स्थापित हुई और इस न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से हम सभी ताजा खबरें और समाज से जुड़े सभी पहलुओं को आपके सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न करते है।
हमारी वेबसाइट एक रजिस्टर्ड वेबसाइट है जो कि भारत सरकार द्वारा MSME (ministry of micro small and medium enterprises) से सर्टिफाइड है।
लगभग 1 करोड़ से अधिक व्यूज के साथ लगभग २० लाख से अधिक दर्शक हमारे साथ जुड़ चुके है
अपने किसी भी सुझाव के लिए आप हमारी ईमेल आईड bhartiyawani@gmail.com पर संपर्क कर सकते है या फिर हमारे व्हाट्सअप नंबर 8979456781 पर संपर्क कर सकते है


















































Write a Review