ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर: होर्मुज पर IRGC का कंट्रोल, तेल 200 डॉलर पहुंचने की चेतावनी
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच खाड़ी में बढ़ा संकट, तेल 200 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने की आशंका
मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को लेकर ईरान की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। संघर्ष के 88वें दिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब अमेरिका मध्य पूर्व के देशों को अपने सैन्य ठिकानों की ढाल की तरह इस्तेमाल नहीं कर पाएगा और क्षेत्र में उसके लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचेगा। इस बयान के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने कहा कि भविष्य में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली वार्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि वाशिंगटन भरोसा बहाल करने के लिए क्या कदम उठाता है। उनका कहना है कि केवल बयानबाजी से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती।
तेल बाजार में भूचाल की आशंका
ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाघारी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने मध्य पूर्व में सैन्य अभियान जारी रखा तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है।
इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि कई अमेरिकी ड्रोन और एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान ने ईरानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया। IRGC के अनुसार एक ड्रोन को मार गिराया गया है। हालांकि अमेरिका की ओर से इस दावे पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर IRGC की निगरानी
IRGC नौसेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 25 जहाज, जिनमें तेल टैंकर और कंटेनर पोत शामिल हैं, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। ईरान का दावा है कि इन जहाजों ने IRGC की अनुमति और समन्वय के बाद ही रास्ता पार किया। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की बढ़ती पकड़ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
रूस ने बढ़ाया ईरान का साथ
रूस ने भी इस पूरे घटनाक्रम में ईरान के समर्थन के संकेत दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़्या ने कहा कि यदि तेहरान चाहे तो रूस ईरान के समृद्ध यूरेनियम को अपने पास रखने के लिए तैयार है। वहीं रूसी परमाणु एजेंसी रोसाटॉम के प्रमुख एलेक्सी लिखाचेव ने कहा कि रूस ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र को ईंधन और जरूरी उपकरणों की आपूर्ति जारी रखेगा।
लिखाचेव ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी ईरान परमाणु मुद्दे को शांत करने में पर्याप्त भूमिका नहीं निभा पाई है। इसके अलावा ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही देश में अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी जाएंगी।
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