Supreme Court सख्त: मेरठ में 860 अवैध निर्माण पर एक्शन, अधिकारियों को कोर्ट में तलब

Supreme Court सख्त: मेरठ में 860 अवैध निर्माण पर एक्शन, अधिकारियों को कोर्ट में तलब

सुप्रीम कोर्ट सख्त: मेरठ में 860 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं, अधिकारियों को तलब

अवैध निर्माण पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

नई दिल्ली/मेरठ। सुप्रीम कोर्ट अवैध निर्माण केस में बड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ कहा है कि मेरठ समेत कई क्षेत्रों में चिन्हित 860 अवैध निर्माण (illegal constructions in Meerut) पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होना गंभीर मामला है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि आदेश के बावजूद ज्यादातर अवैध ढांचे जस के तस खड़े हैं। इस पर नाराज़गी जताते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

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अधिकारियों की जवाबदेही तय, कोर्ट में पेश होने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए UP Awas Vikas Parishad के चेयरमैन और मेरठ के पूर्व कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारी यह स्पष्ट करें:

  • अब तक कितनी कार्रवाई की गई
  • कितने अवैध निर्माण हटाए गए
  • कार्रवाई में देरी क्यों हुई

यह मामला अब Contempt of Court (अवमानना) की दिशा में बढ़ता दिख रहा है, जिससे अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।


860 अवैध भूखंडों पर कार्रवाई का आदेश

कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार:

  • कुल 860 अवैध प्रॉपर्टी/भूखंड चिन्हित किए गए हैं
  • लेकिन अब तक सिर्फ एक ही निर्माण हटाया गया

यह स्थिति कोर्ट के लिए बेहद चिंताजनक रही। अदालत ने दो टूक कहा कि:  सभी अवैध निर्माणों को हटाना अनिवार्य है
 किसी भी तरह का land use conversion या नियमितीकरण (regularisation) बहाना नहीं बनेगा


मेरठ कमिश्नर के आदेश पर भी सवाल

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेरठ मंडल के तत्कालीन कमिश्नर द्वारा दिए गए उस आदेश पर भी नाराज़गी जताई, जिसमें सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने की बात कही गई थी।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:  ऐसा कोई भी आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ है
 और इसे गंभीरता से लिया जाएगा


हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक विस्तृत affidavit (हलफनामा) दाखिल करें, जिसमें:

  • अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा हो
  • आगे की कार्ययोजना (action plan) स्पष्ट हो
  • सभी अवैध निर्माण कब तक हटाए जाएंगे, इसकी समयसीमा दी जाए

सुप्रीम कोर्ट का सख्त संदेश

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि:

  • Illegal construction in UP पर अब कोई ढील नहीं दी जाएगी
  • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय है
  • आदेशों की अनदेखी करने पर अवमानना कार्यवाही होगी

 कार्रवाई नहीं तो सख्त कदम तय

मेरठ अवैध निर्माण मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई हो सकती है।

👉 अगर आदेशों का पालन नहीं हुआ तो
👉 अधिकारियों पर सीधे कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है

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Comments

  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram