चंद्रमा की एक सतह को शिव शक्ति पॉइंट नाम देने पर भड़की कांग्रेस, कहा मोदीजी राजनीतिकरण कर रहे
पीएम मोदी ने शनिवार को चंद्रमा पर चंद्रयान-3 के टचडाउन पॉइंट को शिव शक्ति पॉइंट नाम दिया है। जिसे लेकर कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस नामकरण को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा कि यह नाम हास्यास्पद है क्योंकि पीएम मोदी को चंद्रमा की सतह का नाम रखने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होनें कहा, पूरी दुनिया हंसेगी। पीएम मोदी को चंद्रमा पर एक पॉइंट बताने का अधिकार किसने दिया। हम लैंड किए हुए हैं, यह बहुत अच्छा है। हमें इस पर गर्व है, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन हम चांद या किसी पाउंट के मालिक नहीं है।
वहीं भाजपा ने जवाहर पॉइंट को लेकर कांग्रेस नेता पर निशाना साधा है। बता दें कि जवाहर पॉइंट वह नाम है जहां भारत का पहला चंद्र मिशन चंद्रयान-1 2008 में क्रैश हुआ था। भाजपा नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी ने इस पॉइंट का नाम अपने नाम पर या अटल बिहारी बाजपेयी जैसे किसी नेता के नाम पर नहीं रखा है।
वहीं इसी बात पर पलटवार करते हुए नेता राशिद अल्वी ने कहा कि आप किसी चीज में जवाहरलाल नेहरू का मुकाबला नहीं कर सकते। इसरो जो कुछ भी है वो केवल जवाहरलाल नेहरू के कारण है। उन्होनें कहा कि 1962 में यह विक्रम साराभाई और पंडित जवाहरलाल नेहरू थे जिन्होनें इसरो की स्थापना की थी। तो आप कह सकते हैं कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इन सभी की स्थापना की है। यानी बिलकुल अलग बात है। लेकिन अब मोदीजी इस बात का राजनीतिकरण कर रहे हैं।
वहीं इस बयान को लेकर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस केवल अपने हिंदू विरोधी चरित्र पर सवाल उठाती है। राम मंदिर का विरोध करती है और हिन्दुओं को गाली देती है। दोनों नाम देश से जुड़े हुए हैं। कांगेस का सिद्धांत पहले परिवार है, वे केवल गांधी परिवार, जवाहरलाल नेहरू की प्रशंसा करेंगे। विक्रम लैंडर का नाम विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। भाजपा नेता ने कहा कि अघर उन्होनें चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 भेजा होता तो इसका नाम इंदिरा पॉइंट और राजीव पॉइंट रखा होता।
बता दें कि जवाहर पॉइंट को जवाहर स्थल के नाम से भी जाना जाता है। यह चंद्रमा पर शेकलटन क्रेटर के पास का क्षेत्र हैं जहां इसरो का मून इन्पैक्ट प्रोब क्रैश हो गया था। दरअसल, भारत ने साल 2008 में अपना पहला चंद्र मिशन लॉन्च किया था। इसकी मदद से भारत ने पहली बार चांद पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। इसरो ने कंट्रोल्ड तरीके से इसकी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से टक्कर कराई। जगह चंद्रयान-1 का मून इम्पैक्ट प्रोब टकराया था। उसे जवाहर पॉइंट नाम दिया गया। यह जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन 14 नवंबर की तारीख से मेला खाता था और इसलिए नाम जवाहर पॉइंट रखा गया था।
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