ट्रंप का दावा- पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान हमला टला, बढ़ा युद्धविराम

ट्रंप का दावा- पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान हमला टला, बढ़ा युद्धविराम

ट्रंप का बड़ा दावा: पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान पर हमला रोका, युद्धविराम बढ़ाने का ऐलान

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के नाम से सोशल मीडिया पर जारी एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। इस बयान में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर अमेरिका ने ईरान पर संभावित हमला फिलहाल रोक दिया है और युद्धविराम की अवधि बढ़ा दी गई है।

ट्रंप के बयान में क्या कहा गया?

बयान के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि ईरान की सरकार इस समय गंभीर आंतरिक विभाजन से गुजर रही है और वहां नेतृत्व में एकजुटता की कमी दिखाई दे रही है। इसी स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान की ओर से अमेरिका से अनुरोध किया गया कि ईरान को एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार करने का समय दिया जाए।

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ईरान को दिया गया प्रस्ताव तैयार करने का समय

ट्रंप के कथित बयान में कहा गया कि उन्होंने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि ईरान के खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई फिलहाल स्थगित रखी जाए, लेकिन नाकेबंदी जारी रहेगी। साथ ही सेना को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

युद्धविराम बढ़ाने की बात क्यों कही गई?

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक ईरान के नेता और प्रतिनिधि कोई साझा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं करते और वार्ता पूरी नहीं होती, तब तक युद्धविराम प्रभावी रहेगा। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखते हुए कूटनीतिक समाधान का रास्ता खुला रखना चाहता है।

सैन्य दबाव और कूटनीतिक रणनीति साथ-साथ

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति ईरान पर दबाव बनाए रखने और साथ ही बातचीत के लिए दरवाजा खुला रखने की कोशिश हो सकती है। नाकेबंदी जारी रखने का उल्लेख इसी दिशा में संकेत देता है।

पाकिस्तान की भूमिका पर बढ़ी चर्चा

इस बयान के सामने आने के बाद पश्चिम एशिया की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो पाकिस्तान क्षेत्रीय तनाव कम कराने में अहम भूमिका निभाता दिखाई देगा।

क्या पाकिस्तान बना मध्यस्थ?

यदि पाकिस्तान ने वास्तव में यह पहल की है, तो यह उसके लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जा सकती है। हालांकि अभी तक इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं

हालांकि, इस बयान की आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी प्रशासन, पाकिस्तान सरकार या ईरान की ओर से अभी तक नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल दावे के रूप में देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में अमेरिका, पाकिस्तान और ईरान की तरफ से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है।

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram