ट्रंप की सुरक्षा में बड़ा लैप्स? वॉशिंगटन फायरिंग के बाद अमेरिका की सिक्योरिटी पर उठे सवाल
लगातार हमलों के निशाने पर ट्रंप! दुनिया के सुपर पावर अमेरिका में राष्ट्रपति की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
अमेरिका की राजधानी Washington, D.C. में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई फायरिंग ने सिर्फ एक सुरक्षा घटना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस देश को सुपर पावर कहा जाता है, जहां राष्ट्रपति की सुरक्षा दुनिया की सबसे कड़ी मानी जाती है, वहीं राष्ट्रपति Donald Trump को एक बार फिर आपात स्थिति में कार्यक्रम से निकालना पड़ा।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव व सैन्य टकराव की खबरें लगातार चर्चा में हैं। ऐसे माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा सामान्य समय से कहीं अधिक संवेदनशील मानी जाती है। इसके बावजूद एक हथियारबंद संदिग्ध का सुरक्षा घेरे तक पहुंच जाना बड़ा सवाल बन गया है।
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हमला कैसे हुआ?
रिपोर्ट्स के अनुसार घटना Washington Hilton होटल में हुई, जहां लगभग 2,000 से अधिक मेहमान मौजूद थे। राष्ट्रपति ट्रंप, Melania Trump, उपराष्ट्रपति JD Vance, मंत्री, सांसद और बड़े पत्रकार कार्यक्रम में शामिल थे। तभी मुख्य मैग्नेटोमीटर स्क्रीनिंग एरिया के पास एक संदिग्ध तेजी से सुरक्षा जांच क्षेत्र की ओर बढ़ा। पुलिस के मुताबिक उसके पास शॉटगन, हैंडगन और कई चाकू थे। कुछ ही सेकंड में गोली चलने की आवाज आई और हॉल में अफरा-तफरी मच गई।
सुरक्षा में कहां हुआ लैप्स?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी हाई-प्रोफाइल मौजूदगी के बावजूद आरोपी हथियारों के साथ प्रवेश क्षेत्र तक कैसे पहुंचा? अगर वह होटल में पहले से ठहरा हुआ था, जैसा कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया, तो उसकी स्क्रीनिंग पहले क्यों नहीं हुई?
दूसरा सवाल यह है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, कैबिनेट सदस्य और मीडिया जगत की बड़ी हस्तियों का एक ही स्थल पर होना पहले से “नेशनल सिक्योरिटी इवेंट” जैसा माना जाता है। ऐसे में बाहरी और आंतरिक परतों की सुरक्षा और मजबूत होनी चाहिए थी।
तीसरा बड़ा मुद्दा यह है कि गोली चलने के बाद सैकड़ों लोग टेबलों के नीचे छिपने को मजबूर हुए। इसका मतलब है कि भीड़ प्रबंधन और तत्काल निकासी प्रोटोकॉल में भी दबाव की स्थिति बनी।
ट्रंप पर लगातार खतरा क्यों चर्चा में?
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक यदि यह हमला ट्रंप को निशाना बनाकर किया गया था, तो यह उनके खिलाफ पांचवां बड़ा ज्ञात प्रयास माना जा रहा है। इससे यह साफ है कि ट्रंप अब सिर्फ राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि तीखी वैश्विक प्रतिक्रियाओं का केंद्र भी बने हुए हैं।
किसने उठाए सवाल?
अमेरिकी मीडिया, सुरक्षा विशेषज्ञों और विपक्षी हलकों में इस घटना के बाद सवाल उठे कि जब दुनिया की सबसे प्रशिक्षित एजेंसियां सुरक्षा दे रही थीं, तब हथियारबंद व्यक्ति कैसे चेकपॉइंट तक पहुंच गया। कई चैनलों ने इसे “avoidable breach” यानी टाली जा सकने वाली चूक बताया। प्रत्यक्षदर्शी पत्रकारों ने भी कहा कि पहले लोगों को लगा कोई ट्रे गिरी है, फिर अचानक लोग नीचे छिपने लगे।
क्या संदेश गया दुनिया को?
अमेरिका अक्सर दुनिया को सुरक्षा मॉडल सिखाने की बात करता है। लेकिन जब उसके राष्ट्रपति को सार्वजनिक कार्यक्रम से गोलीबारी के बीच निकालना पड़े, तो यह वैश्विक स्तर पर उसकी सुरक्षा छवि को झटका देता है। खासकर तब, जब अंतरराष्ट्रीय तनाव पहले से ऊंचाई पर हो।
ट्रंप सुरक्षित हैं, संदिग्ध हिरासत में है और जांच जारी है। लेकिन यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि अमेरिकी सुरक्षा ढांचे की परीक्षा है। दुनिया देख रही है कि सुपर पावर अपने राष्ट्रपति को कितना सुरक्षित रख पा रहा है।
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