सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल विवाद: पूर्व प्रबंधक/ट्रस्टी अनुज शर्मा को भेजा जेल
सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल ट्रस्ट विवाद: एक तरफ गबन के आरोप, दूसरी ओर पुलिस कार्रवाई पर सवाल
मेरठ। सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल ट्रस्ट से जुड़े विवाद में मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जहां एक ओर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने अनुज शर्मा पर वित्तीय गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर अनुज शर्मा ने पुलिस और कुछ लोगों पर मिलीभगत कर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
पहला पक्ष: ट्रस्ट और शिकायतकर्ताओं के आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अनुज शर्मा, जो पहले ट्रस्ट और स्कूल के प्रबंधन से जुड़े थे, उन्होंने फर्जी दस्तावेजों और कथित जाली हस्ताक्षरों के जरिए ट्रस्ट के नाम से अलग बैंक खाते खुलवाए। आरोप है कि इन खातों के माध्यम से बच्चों की फीस जमा कराई गई और करीब 3 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल किया गया।

इसी मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। कोर्ट में सुनवाई के बाद अनुज शर्मा की जमानत याचिका खारिज हो गई और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दूसरा पक्ष: अनुज शर्मा का आरोप
वहीं, अनुज शर्मा ने खुद को निर्दोष बताते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजा है। अपने पत्र में अनुज शर्मा का कहना है कि वह सत्यकाम एजुकेशन ट्रस्ट के वैध ट्रस्टी हैं और स्कूल में प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं।
उनका दावा है कि ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। आगरा की सिविल अदालत ने 5 जनवरी 2026 को ट्रस्ट और स्कूल से जुड़े मामलों में यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया है, जो अब भी लागू है।
पुलिस पर गंभीर आरोप
अनुज शर्मा का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद कुछ लोग पुलिस की मदद से स्कूल पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि थाना लोहिया नगर पुलिस ने एक ही घटना से जुड़े मामले में उनके खिलाफ तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर दिए, जो प्रतिशोध की भावना से किए गए हैं।
उनके अनुसार:
- पहला मुकदमा स्कूल की ओर से दर्ज कराया गया था।
- दूसरा मुकदमा उसी घटना को आधार बनाकर उनके खिलाफ दर्ज किया गया।
- तीसरे मुकदमे में गंभीर धाराएं लगाकर गिरफ्तारी का दबाव बनाया जा रहा है।
अनुज शर्मा का कहना है कि बिना किसी मौत, बिना गंभीर चोट और बिना ठोस मेडिकल सबूत के संगीन धाराएं लगाई गईं, जिससे साफ है कि मकसद डर पैदा करना और स्कूल पर कब्जा करना है।
स्कूल और छात्रों का मुद्दा
अनुज शर्मा ने यह भी कहा है कि स्कूल सीबीएसई से संबद्ध है और पुलिस की कार्रवाई से स्कूल का माहौल खराब हो रहा है। इससे सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है।
अब आगे क्या
फिलहाल एक पक्ष इसे आर्थिक गड़बड़ी और धोखाधड़ी का मामला बता रहा है, तो दूसरा पक्ष इसे सिविल विवाद को आपराधिक रंग देने और पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है। मामले की जांच पुलिस और अदालत में जारी है।
Bhartiyavani.com ( भारतीय वाणी ) एक राष्ट्रीय हिन्दी न्यूज़ वेबसाइट है। यह 2019 में स्थापित हुई और इस न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से हम सभी ताजा खबरें और समाज से जुड़े सभी पहलुओं को आपके सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न करते है।
हमारी वेबसाइट एक रजिस्टर्ड वेबसाइट है जो कि भारत सरकार द्वारा MSME (ministry of micro small and medium enterprises) से सर्टिफाइड है।
लगभग 1 करोड़ से अधिक व्यूज के साथ लगभग २० लाख से अधिक दर्शक हमारे साथ जुड़ चुके है
अपने किसी भी सुझाव के लिए आप हमारी ईमेल आईड bhartiyawani@gmail.com पर संपर्क कर सकते है या फिर हमारे व्हाट्सअप नंबर 8979456781 पर संपर्क कर सकते है

















































Write a Review