Meerut Shastri nagar में आवास विकास की कार्रवाई, व्यापारियों को सेटबैक नोटिस चस्पा, मची खलबली

Meerut Shastri nagar में आवास विकास की कार्रवाई, व्यापारियों को सेटबैक नोटिस चस्पा, मची खलबली

आवास विकास की टीम ने शुरू की नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई, व्यापारियों में खलबली

मेरठ। शास्त्रीनगर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह आवास विकास परिषद की ओर से बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू किए जाने से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। सात अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र में पहुंचकर सेटबैक से जुड़े नोटिस चस्पा करने का अभियान चलाया। नोटिस लगने के बाद बाजारों में दिनभर चर्चा का माहौल रहा और कई व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के बाहर जमा होकर आगे की रणनीति बनाते नजर आए।

बताया जा रहा है कि यह अभियान नई सड़क तिराहे के पास स्थित ढाका मार्केट से शुरू किया गया, जो आगे बढ़ते हुए सेक्टर-11 और सेक्टर-13 तक पहुंचा। टीमों ने दुकानों, कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक भवनों के बाहर संशोधित मानचित्रों के साथ नोटिस लगाए, जिनमें सेटबैक के लिए निर्धारित जगह खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

सात टीमों ने एक साथ शुरू किया अभियान

शुक्रवार सुबह जैसे ही आवास विकास की टीमें क्षेत्र में पहुंचीं, व्यापारियों में हलचल शुरू हो गई। कई दुकानदारों ने टीमों से नोटिस की जानकारी ली, जबकि कुछ लोगों ने कार्रवाई पर आपत्ति भी जताई। अधिकारियों ने बताया कि जिन भवनों में निर्धारित मानकों के अनुसार सेटबैक नहीं छोड़ा गया है, वहां नियमानुसार नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि एक साथ सात टीमों के उतरने से पूरे क्षेत्र में डर और असमंजस की स्थिति बन गई। लोग यह समझने की कोशिश करते रहे कि आखिर किन भवनों पर कार्रवाई होगी और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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नोटिस की तारीख को लेकर उठे सवाल

सबसे ज्यादा चर्चा नोटिस पर दर्ज तारीख को लेकर रही। जिन नोटिसों को शुक्रवार यानी 24 अप्रैल को चस्पा किया गया, उन पर जारी करने की तारीख 21 अप्रैल अंकित बताई गई। ऐसे में व्यापारियों ने सवाल उठाया कि यदि नोटिस पहले जारी हो चुके थे तो उन्हें समय पर सूचित क्यों नहीं किया गया।

व्यापारियों का कहना है कि नोटिस तीन दिन पहले की तारीख में जारी दिखाए गए हैं, जबकि वास्तविक रूप से शुक्रवार को लगाए गए। इससे उन्हें तैयारी और कानूनी सलाह लेने का पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है।

15 दिन की मोहलत में बचे सिर्फ 11 दिन

नोटिस में व्यापारियों को 15 दिन के भीतर सेटबैक के लिए अतिक्रमित या निर्मित हिस्से को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन नोटिस 24 अप्रैल को लगाए जाने के कारण अब प्रभावी रूप से केवल 11 दिन ही शेष रह गए हैं। इसी बात को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी सामने आ रही है।

व्यापारियों का कहना है कि किसी भी निर्माण को हटाना आसान प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए मजदूर, संसाधन और समय की जरूरत होती है। ऐसे में चार दिन कम हो जाने से उन पर अतिरिक्त दबाव बन गया है।

व्यापारियों में खलबली, बैठक की तैयारी

कार्रवाई के बाद शास्त्रीनगर और आसपास के बाजारों में व्यापारी एकजुट होने लगे हैं। कई व्यापारिक संगठनों ने आपात बैठक बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि व्यापारी जल्द ही प्रशासन और आवास विकास अधिकारियों से वार्ता की मांग कर सकते हैं।

स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि वे नियमों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। सभी को पर्याप्त समय दिया जाए ताकि बिना विवाद के समाधान निकल सके।

आगे क्या होगा, सबकी नजरें प्रशासन पर

अब पूरे मामले में व्यापारियों की नजर प्रशासन और आवास विकास परिषद के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि तय समय में सेटबैक के लिए जगह खाली नहीं की गई तो आगे ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल क्षेत्र में नोटिस चस्पा होने के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram