मेरठ में 1 करोड़ की नशीली दवाएं बरामद, पुलिस छापे से ड्रग्स विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर

मेरठ में 1 करोड़ की नशीली दवाएं बरामद, पुलिस छापे से ड्रग्स विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर

ड्रग्स विभाग की लापरवाही पर सवाल, पुलिस कार्रवाई ने खोली पोल

में पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई ने ड्रग्स विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में लगभग एक करोड़ रुपये की प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बरामदगी ने यह साबित कर दिया कि दवाओं के भंडारण और निगरानी को लेकर विभागीय स्तर पर भारी लापरवाही बरती जा रही थी। यह नशे का जखीरा एक गोदाम से पकड़ा गया, जो बिना किसी वैध लाइसेंस और रिकॉर्ड के संचालित हो रहा था, लेकिन ड्रग्स विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।

बिना निगरानी के चलता रहा नशीली दवाओं का कारोबार

पुलिस जांच में सामने आया कि गोदाम में लंबे समय से प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक रखा गया था। इनमें प्रतिबंधित कफ सिरप, दिमाग पर असर डालने वाली दवाएं, नशीली दवाएं और हैवी पेन रिलीवर शामिल हैं। ये सभी दवाएं कानूनन प्रतिबंधित हैं और इनका दुरुपयोग समाज, खासकर युवाओं के लिए बेहद खतरनाक है।
ड्रग्स विभाग का दायित्व है कि वह दवा दुकानों, गोदामों और सप्लाई से जुड़े स्थानों की नियमित जांच करे, लेकिन इस मामले में ऐसा होता नहीं दिखा। सवाल यह उठता है कि आखिर विभागीय निरीक्षण कहां और कैसे चूक गया।

पुलिस की छापेमारी से उजागर हुई विभागीय लापरवाही

पुलिस की अचानक की गई छापेमारी ने वह सच सामने ला दिया, जिसे ड्रग्स विभाग समय रहते पकड़ने में नाकाम रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और पूरे सप्लाई चैन की जांच शुरू कर दी है। यदि पुलिस कार्रवाई न होती, तो यह अवैध कारोबार और लंबे समय तक चलता रहता।

अधिकारी तैनात, फिर भी सवालों के घेरे में विभाग

मेरठ में सहायक ड्रग कमिश्नर का कार्यालय मौजूद है और विभाग में कई अधिकारी तैनात हैं। इसके बावजूद इतना बड़ा नशीली दवाओं का अवैध कारोबार चलना यह दर्शाता है कि या तो निरीक्षण कागजों तक सीमित थे, या फिर जिम्मेदारों ने अपनी भूमिका गंभीरता से नहीं निभाई।
अब जरूरत इस बात की है कि इस पूरे मामले में ड्रग्स विभाग की भूमिका की गहराई से जांच हो और यह तय किया जाए कि लापरवाही किस स्तर पर हुई। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी और निगरानी व्यवस्था सख्त नहीं बनेगी, तब तक नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल होगा।

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram