बुरे फंसे मुकेश सिद्धार्थ , दिल्ली के होटल से गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने भेजा जेल, रासुका की हो सकती है कार्रवाई
मेरठ। राजमंत्री सोमेंद्र तोमर पर दिए गए विवादित बयान देने के बाद समाजवादी पार्टी से पूर्व राज्य मंत्री मुकेश सिद्धार्थ की परेशानियां अब बढ़ती जा रही है। रविवार रात दिल्ली से गिरफ्तार किए जाने के बाद सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ को सोमवार को कड़ी सुरक्षा में मेरठ कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने उनकी जमानत को भी नामंजूर कर दिया। जेल जाने के दौरान मुकेश सिद्धार्थ पुलिसकर्मियों से भी उलझते नजर आए।
नगर निगम पार्षदों के पिटाई प्रकरण में पार्षदों के समर्थन में दो दिन पहले मेरठ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान सपा सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री रहे मुकेश सिद्धार्थ ने अपने बड़बोलेपन के चलते अपने लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी कर डाली। उन्होंने भाजपा सरकार के राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर को जिंदा जलाने का तक का ऐलान किया था मुकेश यही नहीं रुके। उन्होंने मंत्री सोमेंद्र की गाड़ी घर तक जलाने का ऐलान कर दिया। उनके इस बयान से वहा खड़े सभी अन्य नेता भी सकते में आ गए बाद में सभी नेताओ ने अपने आपको मुकेश सिद्धार्थ के विवादित बयान से अलग कर लिया

बयान के बाद मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ सिविल लाइन थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया और पुलिस मुकेश की तलाश में जुट गई थी। मुकेश सिद्धार्थ भी मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ से निकल गए। रविवार रात मेरठ पुलिस ने मुकेश सिद्धार्थ को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस हिरासत में ही मुकेश ने सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल करते हुए अदालत में अपनी पेशी के दौरान अपने समर्थकों से कचहरी के घेराव का ऐलान कर दिया था। सोमवार की सुबह कचहरी को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दोपहर को मुकेश सिद्धार्थ को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सपा नेता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस दौरान मुकेश सिद्धार्थ की जमानत के लिए एप्लीकेशन भी दी गई जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
इतना सब हो जाने के बाद भी मुकेश सिद्धार्थ के तेवर कम होने का नाम नही ले रहे है। गाड़ी में बैठने को लेकर भी सपा नेता मुकेश की पुलिस से तीखी नोंक-झोंक हुई। मीडिया ने जब उनके बयान को लेकर बात की तो उन्होंने मीडिया से बात करते हुए एक बार फिर अपनी बात को दोहराया। मुकेश ने कहा कि वह अपनी बात पर कायम हैं और भाजपाइयों से दलितों को पिटने नहीं देंगे।
इस सब के बाद अगर प्रशासन मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ रासुका (NSA) की कार्यवाही की जाती है तो मुकेश सिद्धार्थ लंबे समय तक जेल की सलाखों के पीछे जा सकते है। मना जा रहा कि इस मामले के बाद मुकेश सिद्धार्थ की दलित राजनीति चमक सकती है या फिर उनकी राजनीति नगर निगम की राजनीति की भेंट चढ़ सकती है
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