मड़ियांव थाने में समर्पण की सूचना पर मचे हड़कंप के बावजूद नहीं आया किरण गोसावी |

मड़ियांव थाने में समर्पण की सूचना पर मचे हड़कंप के बावजूद नहीं आया किरण गोसावी |

आर्यन ड्रग्स केस मे जो सबसे ज्यादा अहम भूमिका रही किरण गोसावी की जो घटना के समय तक तो वहा मौजूद रहा, आर्यन के साथ की सेल्फी सोशल मीडिया पर अपलोड की, माना जा रहा है कि किरण जो कि मुख्य गवाह है, जब से लापता है और एनसीबी को इसकी तलाश है ।


अचानक लखनऊ के मड़ियांव थाने मे उस वक्त हड़कंप मच गया जब किरण ने अपने आत्मसमर्पण की सूचना दी ।
आर्यन के हिरासत में लिए जाने तक लोगों को लगा था कि किरण एनसीबी का अधिकारी है लेकिन बाद में एनसीबी के अधिकारियों ने साफ किया कि वह एक निजी जासूस व एक प्लेसमेंट एजेंसी का मालिक है। क्रूज मामले में 10 गवाहों में एक वह भी है। इस सूचना के बाद से कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया। वहीं देर रात तक मड़ियांव पुलिस अलर्ट पर रही। रात में थाने के गेट पर पुलिस मुस्तैद कर दी गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, एनसीबी मुंबई को मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि मामले के गवाह किरण गोसावी को तलब किया जाए जिससे जांच जल्द पूरी हो सके। ऐसे में एनसीबी उसकी तलाश कर रही है। किरण गोसावी पर युवकों को विदेश में नौकरी दिलाने को लेकर लाखों की ठगी के मामले में महाराष्ट्र की केलवा पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस केस के बाद गोसावी के खिलाफ महाराष्ट्र में धोखाधड़ी एवं अन्य आरोप में दर्ज मामलों की संख्या चार हो गई। इस संबंध में एसीपी अलीगंज अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि सिर्फ सूचना है। लेकिन उसके खिलाफ न तो मड़ियांव थाने में कोई मुकदमा दर्ज है और न ही कोई लखनऊ के केस से जुड़ा वारंट जारी है। ऐसे में वह मड़ियांव थाने में किस आधार पर समर्पण करेगा। यह समझ से परे है। हालांकि इस सूचना को लखनऊ कमिश्नरेट ने गंभीरता से लिया है। प्रभारी निरीक्षक मड़ियांव मनोज सिंह को सतर्क कर दिया गया है।

किरण गोसावी के मड़ियांव थाने में समर्पण की सूचना पर राजधानी में हड़कंप मच गया। पुलिस के अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्र के एसीपी व निरीक्षक को अलर्ट कर दिया। देर रात तक थाने के बाहर व अंदर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। देर शाम 8 बजे के बाद से मड़ियांव थाने के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। इस पर पुलिस अधिकारी भी सतर्क हो गए। वहीं प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह अपनी टीम के साथ थाने के गेट पर मुस्तैद थे। हालांकि देर रात करीब 11 बजे तक किरण गोसावी का कोई पता नहीं चला। फिर भी पुलिस अलर्ट पर ही है ।


हेलो मड़ियांव पुलिस चौकी से बोल रहे हैं। सर, आप चौकी पर अभी हो? सर, वहां पर आना था। मैं किरण गोसावी बोल रहा हूं, मुझे सरेंडर करना है। पुलिसकर्मी ने पूछा क्यूं सरेंडर करना है? तो उधर से आवाज आई नजदीकी पुलिस स्टेशन है। इतनी बात सुनने केबाद पुलिसकर्मी ने थाने आने से मना कर दिया। यह ऑडियो देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें किरण गोसावी बनकर किसी ने बात की। उसने मड़ियांव थाने के फोन नंबर पर बात करने की बात कही।

हालांकि इस बातचीत के बारे में पुलिस पुष्टि नहीं कर रही है।बहोत इंतज़ार के बाद भी कोई किरण गोसावी का कही दूर दूर तक पता नहीं है |

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram