गुणवत्ता आधारित संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी: BIS के 79वें स्थापना दिवस पर बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

गुणवत्ता आधारित संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी: BIS के 79वें स्थापना दिवस पर बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में BIS की भूमिका को बताया देश की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति की मजबूत आधारशिला

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता आधारित संस्कृति को बढ़ावा देना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और भारतीय मानक ब्यूरो इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में भारतीय मानक संस्था के रूप में शुरू हुई यह यात्रा आज देश की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। बीते लगभग आठ दशकों में बीआईएस ने गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए “गुणवत्ता ही पहचान” के मंत्र को साकार किया है। उन्होंने कहा कि मानकीकरण, प्रमाणीकरण और गुणवत्ता परीक्षण के माध्यम से न केवल उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया गया है, बल्कि उपभोक्ताओं के जीवन में भरोसे और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मानकीकरण का क्षेत्र केवल उद्योग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं तक विस्तारित हो चुका है। डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, रिसाइकिल सामग्री और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में समयानुकूल मानक तय कर बीआईएस भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप इकोलॉजी और इकॉनमी के बीच संतुलन स्थापित करने में भी भारतीय मानक ब्यूरो का योगदान सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियान देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। भारतीय उत्पाद विश्व में गुणवत्ता का मानक बनें, इस लक्ष्य की प्राप्ति में बीआईएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार भी हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियों और स्थानीय खाद्य उत्पादों के लिए उच्च गुणवत्ता मानक स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से राज्य के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता को केवल मानक नहीं बल्कि आदत बनाना होगा, ताकि गुणवत्ता आधारित संस्कृति जन आंदोलन का रूप ले सके। उन्होंने विश्वास जताया कि “वन नेशन, वन स्टैंडर्ड” नीति के तहत भारतीय मानक ब्यूरो देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगा और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा।

कार्यक्रम में विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक सौरभ तिवारी, यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, ब्रिगेडियर के.जी. बहल (सेवानिवृत्त) सहित उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram