उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, एसीएस बर्द्धन की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की एनओसी वापस

उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, एसीएस बर्द्धन की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की एनओसी वापस

देहरादून: उत्तराखंड से बड़ी खबर मिली है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी कर चुके अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को पूर्व में जारी एनओसी राज्य सरकार ने वापस ले ली है। केंद्र सरकार को उनकी वापसी का अनुरोध पत्र भी भेजा गया है। सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने इसकी पुष्टि की है।

माना जा रहा है कि राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। अपर मुख्य सचिव रहे वरिष्ठ नौकरशाह आनंद बर्द्धन की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की लगभग पूरी तैयारी थी। राज्य सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी जारी कर दिया था। कुछेक दिनों में उन्हें केंद्र से तैनाती आदेश होने वाले हैं, लेकिन इस बीच कार्मिक विभाग ने उनकी एनओसी को वापस ले लिया।

आपको बता दें कि आनंद बर्द्धन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पहले कार्यकाल में उनके अपर मुख्य सचिव थे। विधानसभा चुनाव के बाद बर्द्धन के स्थान पर वरिष्ठ नौकरशाह राधा रतूड़ी को मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई। इससे पूर्व आनंद बर्द्धन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन कर चुके थे।

खबर है कि उत्तराखंड कैडर के करीब छह से सात वरिष्ठ नौकरशाह भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की सोच रहे हैं। इनमें से कुछ ने प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। वरिष्ठ नौकरशाहों की कमी की संभावना से सरकार भी चिंतित है। इसलिए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार राज्य के अनुभवी आईएएस अफसरों को प्रतिनियुक्ति पर जाने की एनओसी देने में हिचकिचाहट दिखा सकती है।

कार्मिक विभाग के सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में उत्तराखंड का आईएएस का कॉडर 126 का है। लेकिन वर्तमान में 76 आईएएस अधिकारी ही तैनात हैं। इनमें से सात केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इस लिहाज से राज्य में 69 आईएएस ही सेवाएं दे रहे हैं। जबकि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए अधिक और अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता है। हालांकि आने वाले दिनों में राज्य सरकार को पीसीएस अफसरों की पदोन्नति से 23 आईएएस अफसर मिल जाएंगे। लेकिन सरकार को अधिक अनुभवी और वरिष्ठ नौकरशाहों की दरकरार है। एक-दो नौकरशाहों के प्रतिनियुक्ति से लौटने से भी सरकार को कुछ राहत मिल सकती है।

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram