कृषि महाविद्यालय में मनाया गया कृषि शिक्षा दिवस - 2022
सरदार वल्भभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्यागिक विश्वविद्यालय, मेरठ में आज कृषि शिक्षा दिवस मनाया गया इसका आयोजन कृषि महाविद्यालय के आडिटोरियम में कुलपति डा० के० के० सिंह की अध्यक्षता में हुआ।
कुलपति डा० के०के० सिंह ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कृषि शिक्षा का एक महत्वपूर्ण योगदान है। कृषि के कारण ही जनता को खाद्यान उपलब्ध हो पा रहा है। उन्होने बताया कोई भी देश कितना भी विकास करें लेकिन बिना अनाज कुछ नहीं, उन्होंने कहा कि युवाओं के लिये बड़े स्तर पर जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाये जिससे और भी युवा कृषि क्षेत्र में अपना बेहतर भविष्य बना सकें। पहले अनाज विदेशो से निर्यात करना पड़ता था लेकिन आज स्थिति बदली है और हम आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ निर्यात करने की स्थिति में आ गये है। देश में कृषि शिक्षा शोध व प्रसार का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है इसी का प्रमाण है कि देश में 74 कृषि विश्वविद्यालय, 110 संथान एवं 700 से अधिक कृषि विज्ञान केन्द्र कृषि शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाये दे रहे है।
कुलपति डा० के० के० सिंह ने कहा कि अब कृषि में लगातार नवीनीकरण होता जा रहा है और कृषि हाईटेक होती जा रही है। इसमें अधिक से अधिक विज्ञान का समावेश हो रहा है। इसी का प्रमाण है कि छात्र कृषि शिक्षा से जुड़ने लगे है। उन्होने कहा कि भारत आज कृषि निर्यात में भी आगे बढ़ा है। पहले हम गेहॅू का आयात किया करते थे, अब स्थिति बदल गयी है। कई देश हमारे देश की ओर कृषि में गेहूँ को निर्यात करने की अपील करने लगे है। कुलपति डा के के शर्मा ने कहा कि कृषि शिक्षा को ओर अधिक मजबूत करने के लिए सभी लोगो को इसमें ओर अधिक भागीदारी करनी होगी।
अधिष्ठाता कृषि डा० विवेक धामा ने कहा कि भारत में कृषि के भविष्य को मजबूत करने के लिए युवाओं को कृषि शिक्षा की ओर आर्कषित करना होगा। उन्होने कहा कि कृषि महाविद्यालय को प्रयास रहेगा कि कृषि शिक्षा के क्षेत्र में महाविद्यालय को ओर अधिक लोकप्रिय बनाया जाये।
अधिष्ठाता बायोटकनालाजी डा० रवीन्द्र कुमार ने कहा कि कृषि शिक्षा में बायोटकनोलाजी को बहुत बड़ा योगदान है। निदेशक शोध ने कहाँ हमे अपनी उत्पादकता के साथ-साथ गुणवत्ता को बढ़ाने की आवश्यकता है। जिससे संतुलित मात्रा में पोषण प्राप्त किया जा सके जिसमें कृषि में युवा ओर अपनी अधिक भागीदारी देकर इस कार्यक्रम को सफल बना सकें।
कार्यक्रम का संचालन डा० अर्चना आर्या ने तथा धन्यवाद प्रस्ताव प्रो० डी० वी० सिंह ने किया ।
कृषि शिक्षा की उपयोगिता के लिये हुये विशेष कार्यक्रम इस अवसर पर छात्रो द्वारा कृषि शिक्षा के विकास और उसके भविष्य से सम्बन्धित एक प्रर्दशनी लगायी गयी जिसमें 160 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी भागीदारी देते हुए अपने मॉडल, पोस्टर आदि प्रर्दशित किये
इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के छात्रों द्वारा गांव मे जाकर कृषि शिक्षा से सम्बन्धित जागरुकता अभियान चलाया एवं किसानों एवं उनके परिवारों को कृषि शिक्षा के महत्व एवं नवीनतम टेकनोलाजी के बार मे जानकारी दी इसके अलावा ग्रमीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) के कृषि चुतर्थ वर्ष के छात्रों द्वारा विशेष कार्यक्रम चलाकर कृषि शिक्षा के योगदान के बारे में लोगो को जागरुक किया।
कार्यक्रम के दौरान वित्त नियंत्रक लक्ष्मी मिश्रा, कुलसचिव डा० बी०आर० सिंह, अधिष्ठाता वेटनरी, डा० राजीव सिंह, अधिष्ठाता पोस्ट हार्वेट डा० पुष्पेन्द्र ढाका, निदेशक प्रसार डा० पी० के० सिंह, निदेशक, ट्रेनिग एवं प्लेसमेन्ट प्रो० आर० एस० सेंगर, डा० रश्मि, डा० कमल खिलाड़ी, डा० मुकेश कुमार, डा० विनिता वर्मा, डा0 पूरन चन्द, डा० दान सिंह आदि शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राये मौजूद रहे।
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