Petrol diesel के बाद अब बिजली का बिल भरने में भी उपभोक्ताओं को करनी पड़ेगी अपनी जेब ढीली

Petrol diesel के बाद अब बिजली का बिल भरने में भी उपभोक्ताओं को करनी पड़ेगी अपनी जेब ढीली

LUCKNOW: आजकल आम जनता की जेब पर कोई ना कोई गाज गिर रही है कभी पेट्रोल के दाम में वृद्धि तो कभी डीजल के दाम में वृद्धि कभी रसोई गैस तो कभी सरसों का तेल हर चीज की कीमत बढ़ती ही जा रही है। इसी क्रम में बिजली की भी बारी आई है। यह उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनका लोड पिछले 3 महीनों से निर्धारित लोड से ज्यादा दिखा रहा है। प्रदेश में 4,44,397 ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं जिनका मई से जुलाई 21 में लगातार तीन माह तक स्वीकृत से ज्यादा भार दर्ज हुआ है। इन उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। नोटिस पर उपभोक्ताओं का जवाब लेकर लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

दरअसल, जबरदस्त वित्तीय संकट से जूझ रहे पाॅवर कार्पोरेशन प्रबंधन को पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं द्वारा स्वीकृ त से ज्यादा बिजली भार का उपभोग किए जाने की जानकारी मिल रही थी। राजस्व बढ़ाने के चक्कर में कुछ जगह अभियंताओं ने नोटिस की औपचारिता पूरी किए बगैर ही उपभोक्ताओं के लोड बढ़ा दिए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के ऐसे करीब 70 हजार मामलों की शिकायत हाल ही में ऊर्जा मंत्री से भी की गई थी जिस पर सरकार ने पाॅवर कार्पोरेशन से रिपोर्ट तलब कर रखी है।

इसी बीच पाॅवर कार्पोरेशन प्रबंधन सभी बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं के लोड दर्ज करके ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे जो लगातार स्वीकृत से ज्यादा भार का इस्तेमाल कर रहे हैं। विद्युत वितरण संहिता 2005 के प्रावधानों के अनुसार अगर लगातार तीन महीने किसी उपभोक्ता का भार स्वीकृत भार से ज्यादा आता है तो उसे नोटिस देने की औपचारिकता पूरी करके लोड बढ़ाया जा सकता है।

बिजली कंपनियों की ओर से 4.44 लाख से ज्यादा ऐसे उपभोक्ताओं का ब्यौरा मिलने के बाद पावर कार्पोरेशन ने इनका लोड बढ़ाने की की कवायद तेज कर दी है। पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशकों को पत्र भेजकर विद्युत वितरण संहिता की धारा 6.9 के तहत स्वीकृत से ज्यादा भार का उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को भार बढ़ाने का नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं।

पत्र में विद्युत वितरण संहिता के प्रावधानों के तहत भार बढ़ाने की कार्यवाही करने को कहा गया है। पूर्व में भार बढ़ाने को लेकर पैदा हुए विवाद को देखते हुए सभी बिजली कंपनियों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी दशा में नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए बगैर कोई कार्यवाही न की जाए। उधर, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि अगर नियमों का उल्लंघन करके भार बढ़ाया जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो नियामक आयोग और सरकार से हस्तक्षेप की मांग भी की जाएगी।

फैक्ट फाइल
बिजली कंपनी मई से जुलाई 21 में स्वीकृत से ज्यादा भार वाले उपभोक्ताओं की संख्या
पूर्वांचल 104065
मध्यांचल 215047
दक्षिणांचल 46762
पश्चिमांचल 78523
योग 444397

Bhartiyavani.com ( भारतीय वाणी ) एक राष्ट्रीय हिन्दी न्यूज़ वेबसाइट है। यह 2019 में स्थापित हुई और इस न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से हम सभी ताजा खबरें और समाज से जुड़े सभी पहलुओं को आपके सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न करते है।

हमारी वेबसाइट एक रजिस्टर्ड वेबसाइट है जो कि भारत सरकार द्वारा MSME (ministry of micro small and medium enterprises) से सर्टिफाइड है।

लगभग 1 करोड़ से अधिक व्यूज के साथ लगभग २० लाख से अधिक दर्शक हमारे साथ जुड़ चुके है

अपने किसी भी सुझाव के लिए आप हमारी ईमेल आईड bhartiyawani@gmail.com पर संपर्क कर सकते है या फिर हमारे व्हाट्सअप नंबर 8979456781 पर संपर्क कर सकते है

Write a Review

Comments

  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram