Triple Murder Case: गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में आज फैसला टला
- कोर्ट ने फैसले के लिए नियत की 31 जुलाई की तारीख
मेरठ। कोतवाली क्षेत्र के गुदड़ी बाजार में तकरीबन 16 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में आज 24 जुलाई को आने वाला फैसला टल गया। इस मुकदमे में बहस पूरी हो चुकी है। अदालत ने सारे दस्तावेज सुरक्षित कर लिए हैं। दरअसल, हाईकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत से मुकदमे का स्टेटस मांगा है। जिसके चलते आज फैसला टल गया है।
मुख्य न्यायालय अपर जिला स्पेशल भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट संख्या दो पवन शुक्ला ने हाईकोर्ट की 30 जुलाई को तारीख लगने के चलते फैसले को अब 31 जुलाई की तिथि नियत की है।
गौरतलब है कि 23 मई 2008 को मेरठ कॉलेज के छात्र सुनील ढाका (27) निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि (22) निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्जवल (23) निवासी गांव सिरसली, बागपत के शव बागपत के बलैनी में नदी किनारे पड़े मिले। तीनों को गोलियां मारने के बाद गला काटकर मारा गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों का गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी के साथ झगड़ा हुआ था।
पुलिस के आरोप पत्र के मुताबिक झगड़े के बाद इजलाल ने अपने भाइयों के साथ मिलकर तीनों को पकड़ लिया। पहले पाइपों से बुरी तरह पिटाई की। इसके बाद तीनों को गोलियां मारी। फिर सबके गले काट दिए। शवों को पानी से धोकर कार की डिग्गी में रखकर गाड़ी सहित नदी किनारे ले जाकर शवों को फेंक दिया।
इस घटना का खुलासा होने के बाद मेरठ में हजारों युवाओं ने गैर-राजनीतिक संगठन बनाकर 25 मई को मेरठ बंद का एलान कर दिया था। पूरा मेरठ बंद हुआ था। तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर और सीओ की भूमिका पर सवाल उठने के बाद जांच सदर बाजार थाने के इंस्पेक्टर डीके बालियान को दी गई थी।
पुलिस ने इस मामले में हाजी इजलाल, उसके भाई अफजाल व परवेज समेत दस आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कुल 14 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हुई है। इनमें हाजी इजलाल कुरैशी, परवेज और अफजाल पुत्रगण स्वर्गीय इकबाल, मेहराज पुत्र मेहताब, इसरार पुत्र रशीद, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र स्वर्गीय उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श, शम्मी और माजिद के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करते हुए हत्याकांड को साबित करने के लिए कुल 37 गवाहों के नाम दिए। युवती को इस मामले में इजलाल को घटना के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया। इस पर युवती कोर्ट से स्टे ले आई थी।
धाराओं में फांसी तक की सजा का प्रावधान
एडवोकेट प्रमोद त्यागी बताते हैं कि इन धाराओं में उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है। अब इस मामले में सिर्फ एक आरोपी शम्मी जेल में है। बाकी सभी आरोपियों की जमानत हो चुकी है। मुकदमे में बहस पूरी हो गई है। आज हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत से मुकदमे का स्टेटस मांगने के बाद फैसले को टाल दिया।
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