Trump on Iran War: अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत तोड़ी, परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा दावा
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम संबोधन में एक बार फिर ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत नासा और आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई देकर की, लेकिन इसके बाद उनका पूरा फोकस ईरान के साथ जारी तनाव पर रहा।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है और उसे परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया गया है।
‘ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देंगे’
अपने संबोधन में ट्रंप ने दो टूक कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान के कई परमाणु ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है और उसके हथियार कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है।
ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी थी और इससे दुनिया को एक बड़ा खतरा टल गया है।
अमेरिकी सेना की कार्रवाई पर जोर
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना की खुलकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले शुरू किए गए ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उनके मुताबिक, इन चार हफ्तों में ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों की उसकी क्षमता कम हो गई है, जबकि हथियार बनाने वाले कई ठिकाने तबाह किए जा चुके हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बड़ा बयान
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अब इस जलडमरूमध्य की उतनी जरूरत नहीं है।
उन्होंने संकेत दिया कि दुनिया के अन्य देशों को अब इसकी सुरक्षा और संचालन की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
जंग की शुरुआत और बढ़ता तनाव
इस पूरे संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त अभियान से हुई थी। इसका उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करना था।
शुरुआती हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई, जिसके बाद उनके बेटे को नया नेतृत्व सौंपा गया। हालांकि, इसके बाद ईरान ने भी तेज जवाबी हमले किए, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर हो गए।
वैश्विक असर और चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह संघर्ष अब वैश्विक चिंता का कारण बन चुका है। तेल की कीमतों, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।
Bhartiyavani.com ( भारतीय वाणी ) एक राष्ट्रीय हिन्दी न्यूज़ वेबसाइट है। यह 2019 में स्थापित हुई और इस न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से हम सभी ताजा खबरें और समाज से जुड़े सभी पहलुओं को आपके सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न करते है।
हमारी वेबसाइट एक रजिस्टर्ड वेबसाइट है जो कि भारत सरकार द्वारा MSME (ministry of micro small and medium enterprises) से सर्टिफाइड है।
लगभग 1 करोड़ से अधिक व्यूज के साथ लगभग २० लाख से अधिक दर्शक हमारे साथ जुड़ चुके है
अपने किसी भी सुझाव के लिए आप हमारी ईमेल आईड bhartiyawani@gmail.com पर संपर्क कर सकते है या फिर हमारे व्हाट्सअप नंबर 8979456781 पर संपर्क कर सकते है


















































Write a Review