इन राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन हुआ प्रभावित, बाढ़ के कारण लोगों ने जान भी गवाई
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण कई राज्यों में स्थिति बहुत विकट बन गई है। मध्य प्रदेश, उड़ीसा , उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण बाढ़ की हालत बनी हुई है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत विभिन्न जिलों में भारी बारिश के चलते यहां मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट घोषित किया गया है। साथ ही मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी सोमवार और मंगलवार को स्कूल बंद करने का आदेश जारी हुआ है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के सभी हिस्सों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई है। वहीं, ओडिशा और उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी है। आइए देखते हैं कि इन दिनों बरसात से विभिन्न राज्यों की हालात।
उत्तराखंड
हर साल की तरह इस साल भी उत्तराखंड में भी बादल फटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इससे बाढ़ और भूस्खलन जैसे कई मामले सामने आए हैं और जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नदियां उफान पर हैं। कई पुल टूट चुके हैं। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसकर नाला बना लिया है। कई गांवो को खाली कराना पड़ा। शहरों कि सड़को पर जगह-जगह जाम लगा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो पांच लोग टिहरी जिले के गवाद से और सात देहरादून के रायपुर के मालदेवता से अभी भी लापता हैं।
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में तो सोमवार का दिन मौतों का सैलाब बनकर आया यहां अब तक मरने वालों की संख्या 32 हो गई। और अभी भी 6 लोगों पता नहीं चल पाया है। वहीं, घायलों की कुल संख्या 12 हैं। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर से मंडी, कांगड़ा और चंबा जिले प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मण्डी जिले में बाढ़ से मृतकों के परिवार वालों को चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। बता दें मंडी जिले के एक ग्राम प्रधान ने लोगों को भूस्खलन की चेतावनी दी, लेकिन वह अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की जान ही नहीं बचा सका।

ओडिशा
उड़ीसा में लगभग 8 लाख लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगहों पर जाना पड़ा है। यहां लगातार बारिश ने बिजली और पानी की आपूर्ति को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। आंकड़ों के मानें तो, राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक करीब 120,000 लोगों को निकाला जा चुका है। राज्य के उत्तरी हिस्से में बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है, जहां सुवर्णरेखा नदी में पानी बढ़ने से 100 से ज्यादा गांव द्वीप बन गए हैं। बालासोर और मयूरभंज जिलों में, अधिकारियों ने निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है। यहां सुवर्णरेखा के अलावा बुधबलंग और जलका नदियों ने भी काफी तबाही मचाई है। बालासोर के जिला कलेक्टर दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने कहा कि यहां करीब 156 गांव और 83 ग्राम पंचायतें प्रभावित हैं। यहां से सोमवार दोपहर तक 40 हजार से ज्यादा लोगों को निकाला गया। इन सभी को 227 अस्थायी आश्रय गृहों में जगह दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को भी उत्तरी उड़ीसा में बारिश होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सोमवार और रविवार की शाम को भी भारी बारिश हुई। राजधानी भोपाल में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं और कई पेड़ उखड़ गए। मूसलाधार बारिश के कारण कई लोगों को घर छोड़ना पड़ा तो कई लोगों की जान भी गई है। बता दें वहां लगभग 6 वर्षों के बाद इतनी बारिश बताई जा रही है। भोपाल, नर्मदापुरम, सागर और ग्वालियर में अभी भी बारिश की चेतावनी जारी है। हालांकि कल से बारिश में कुछ कमी आ सकती है।
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