मेरठ की इस कॉलोनी में 12 फीट लंबा 'रेट स्नेक' मिलने से मचा हड़कंप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
मेरठ की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में मिला 12 फीट लंबा रेट स्नेक, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम ने सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। जानिए सांपों के व्यवहार और उनकी प्रजातियों की पूरी जानकारी।
मेरठ। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब लोगों की नजर एक विशालकाय सांप पर पड़ी। लगभग 12 फीट लंबा पीले रंग का यह सांप, कॉलोनी में घूमता नजर आया, जिसे देखकर वहां अफरा-तफरी मच गई।
घबराए निवासियों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। विभाग की टीम चंद मिनटों में मौके पर पहुंची और विशेषज्ञता के साथ सांप को काबू में कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह रेट स्नेक (Rat Snake) था — एक गैर ज़हरीली प्रजाति, जो आमतौर पर इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाती।
वन विभाग के कर्मचारियों ने रेट स्नेक को पकड़ने के बाद सावधानीपूर्वक जंगल में छोड़ दिया, ताकि उसे उसका प्राकृतिक आवास मिल सके और इंसानों से दूर रहे।
स्थानीय निवासी इस घटना के बाद सहमे जरूर हैं, लेकिन वन विभाग की तत्परता और जागरूकता से उन्होंने राहत की सांस ली। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात या गर्मी के मौसम में इस तरह के सांप रिहायशी इलाकों में आ सकते हैं, इसलिए नागरिकों को सजग रहने की जरूरत है।
सावधानी और जानकारी ही बचाव है!
अगर आप भी अपने आस-पास किसी अजगर या सांप को देखें तो खुद कोई कार्रवाई न करें, तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
सांपों के व्यवहार और उनकी प्रमुख प्रजातियों के बारे में कुछ रोचक और काम की बातें:
सांपों का व्यवहार (Snake Behavior)
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शांत स्वभाव: अधिकांश सांप इंसानों से डरते हैं और खुद-ब-खुद हमला नहीं करते। जब तक उन्हें खतरा न महसूस हो, वे हमला नहीं करते।
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रात्रिचर जीव: कई सांप रात के समय ज्यादा सक्रिय होते हैं। गर्मी से बचने के लिए दिन में छुपे रहते हैं।
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सूंघ कर पहचान: सांप अपनी जीभ की मदद से गंध पहचानते हैं। वे जीभ से हवा को ‘चाट’ कर दिशा और शिकार का पता लगाते हैं।
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कान नहीं होते: सांपों के बाहरी कान नहीं होते, लेकिन वे ज़मीन के कंपन को महसूस कर सकते हैं।
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आवास की तलाश में: बारिश या गर्म मौसम में सांप अक्सर सूखे और ठंडे स्थानों की तलाश में इंसानी बस्तियों में आ सकते हैं।
भारत में पाई जाने वाली प्रमुख सांपों की प्रजातियाँ
| प्रजाति का नाम | विषैला/गैर विषैला | विशेषता |
|---|---|---|
| रेट स्नेक (Rat Snake) | ❌ गैर विषैला | चूहों का शिकार करता है, इंसान के लिए हानिकारक नहीं |
| कोबरा (Indian Cobra) | ✅ विषैला | फन निकालता है, नाग पंचमी पर पूजा होती है |
| करैत (Krait) | ✅ अत्यधिक विषैला | रात में सक्रिय, छोटे आकार का होता है |
| रसेल वाइपर (Russell’s Viper) | ✅ बेहद विषैला | मोटा शरीर और तेज़ फुफकार, ग्रामीण इलाकों में आम |
| पाइथन (Ajgar) | ❌ गैर विषैला | शिकार को जकड़कर मारता है, बहुत भारी और लंबा होता है |
क्या करें अगर सांप दिख जाए?
✅ शांत रहें और दूरी बनाए रखें
✅ सांप को छेड़ने या भगाने की कोशिश न करें
✅ स्थानीय वन विभाग या रेस्क्यू टीम को तुरंत बुलाएं
✅ सुरक्षित स्थान पर रहें, खासकर बच्चों और पालतू जानवरों को दूर रखें
क्या आप जानते हैं?
भारत में हर साल हजारों सांप इंसानी बस्तियों में पाए जाते हैं, लेकिन उनमें से 80% से ज्यादा गैर विषैले होते हैं।
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