Coal crisis आपके जीवन में छा सकता है घोर अंधकार, बिजली विभाग पर मंडरा रहा कोल संकट

Coal crisis आपके जीवन में छा सकता है घोर अंधकार, बिजली विभाग पर मंडरा रहा कोल संकट

नई दिल्ली, एक तरफ त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है, वहीं दूसरी तरफ बिजली उत्पादन के जरूरी कोयले की कमी अब किसी से छुप नहीं रही है। पंजाब में 3, केरल में 4 तथा महाराष्ट्र में 13 ताप विद्युत केंद्र बंद हो चुके हैं। सभी कोयले के अभाव Coal crisis के चलते बंद हुए हैं। संभावित बिजली संकट के भय से, कर्नाटक तथा पंजाब के सीएम ने केंद्र से अपने प्रदेशों में कोयले की आपूर्ति बढ़ाने का रिकवेस्ट किया है।महाराष्ट्र के ऊर्जा विभाग ने लोगों से बिजली बचाने का अनुरोध किया है। तो वहीं केरल गर्वमेंट ने भी चेतावनी दी है कि उन्हें लोड-शेडिंग का सहारा लेना पड़ सकता है। दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया ताकि कोयले और गैस को बिजली की भरपाई करने वाले संयंत्रों की ओर मोड़ा जा सके।

ऊर्जा मंत्री ने कहा - बिजली संकट कोरी अफवाह है

इस बीच, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने बीते कल को कहा कि राजधानी में बिजली की कोई कमी नहीं है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि आगे भी कोयले की आपूर्ति बनी रहेगी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि देश रोजाना कोयले की औसत आवश्यकता से 4 दिन आगे है और इस मुद्दे पर एक बिना जरूरत दहशत पैदा की जा रही है। कई प्रदेश निश्चित रूप से घबराते दिख रहे हैं। केंद्र का मानना ​​है कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।


कोयला संकट Coal crisis पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सिर्फ 4 या 5 दिन का कोयला शेष बचा है. मगर उन्होंने केंद्र का बचाव करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से लगातार कोयले की रैक आ रही है, कल भी चार रैक कोयले की लेकर आए है. एडवांस पैसा देकर कोयला मंगाया जा रहा है. जल्द ही कोयले की समस्या को खत्म किया जाएगा.

मध्यप्रदेश में नहीं पूरे देश में है कोयले की कमी

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भरोसा दिया है कि कोयले की कमी से प्रदेश में बिजली का संकट नहीं गहराने देंगे. कोल इंडिया को बकाया राशि के भुगतान के लिए व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कोयले का संकट पूरे देश में है, लेकिन बिजली सप्लाई की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी. बिजली कंपनियों ने कोयले को लेकर टेंडर जारी कर दिया है, कोयले के अलावा दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है
गौरतलब है कि रबी फसलों की बुआई के दौरान ग्रामीण इलाकों में बिजली की मांग ज्यादा होती है. दूसरी ओर, त्योहारों में शहरी इलाकों में भी बिजली की खपत बढ़ गई है.

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram