25 साल बाद गिरफ्तार हुआ फरार यूट्यूबर सलीम वास्तिक, दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद से पकड़ा
25 साल बाद फरार उम्रकैदी यूट्यूबर सलीम वास्तिक गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र से चर्चित यूट्यूबर Salim Vastik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह 1995 के अपहरण और हत्या के एक पुराने मामले में दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2000 में पैरोल या जमानत के बाद फरार हो गया था और लंबे समय से फर्जी पहचान के साथ रह रहा था।
यह गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सलीम वास्तिक पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर एक चर्चित चेहरा बन चुका था। वह यूट्यूब पर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर वीडियो बनाता था तथा टीवी डिबेट्स में भी दिखाई देता रहा है। अब उसकी गिरफ्तारी ने पुलिस तंत्र और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
1995 में दिल्ली व्यापारी के बेटे के अपहरण और हत्या का मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला 1995 का है, जिसमें दिल्ली के एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे Sandeep Bansal के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। जांच के बाद सलीम वास्तिक को इस मामले में दोषी पाया गया था और अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन बाद में वह पुलिस और जेल प्रशासन की पकड़ से बाहर हो गया।
अब 25 साल बाद उसकी गिरफ्तारी से पुराना केस फिर चर्चा में आ गया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि लंबे समय से उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही थी और हालिया इनपुट के बाद उसे गाजियाबाद से पकड़ा गया।
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फरवरी 2026 में हुआ था जानलेवा हमला
सलीम वास्तिक कुछ महीने पहले भी सुर्खियों में आया था, जब फरवरी 2026 में उसके लोनी स्थित कार्यालय पर दो हमलावरों ने चाकू से हमला कर दिया था। हमले में उसके गर्दन और पेट पर कई वार किए गए थे, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे सुरक्षा भी दी गई थी।
उस समय हमले को उसके विवादित बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों से जोड़कर देखा गया था। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर कार्रवाई भी की थी।
यूपी पुलिस पर उठे सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि सलीम वास्तिक इतना चर्चित चेहरा था, सोशल मीडिया पर सक्रिय था और सार्वजनिक रूप से रह रहा था, तो उत्तर प्रदेश पुलिस या अन्य एजेंसियां उसे पहले क्यों नहीं पकड़ सकीं। स्थानीय स्तर पर उसकी मौजूदगी छिपी नहीं थी, फिर भी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस द्वारा की गई।
आगे क्या होगा?
दिल्ली पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। साथ ही यह भी जांच हो सकती है कि वह इतने वर्षों तक फरार रहते हुए कैसे रह रहा था, किसने मदद की और क्या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
यह मामला अब अपराध, सोशल मीडिया पहचान और पुलिस सिस्टम—तीनों के संगम के रूप में देखा जा रहा है।
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