रेलवे की मनमानी 55की आयु पार कर चुके, रेलकर्मियों को जबरन सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया शुरू
लखनऊ: गोरखपुर मंडल के 2566 बुजुर्ग रेलकर्मियों की नौकरी खतरे मे आ गई है रेलवे प्रशासन की मनमानी के कारण इन बुजुर्ग रेल कर्मचारियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बोर्ड के फरमान पर रेलवे प्रशासन ने 30 वर्ष की नौकरी व 55 साल की आयु पूरी कर चुके रेलकर्मियों के छंटनी (जबरन सेवानिवृत्ति) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि वार्षिक कार्य निष्पादन रिपोर्ट (एपीएआर) और कार्य व्यवहार की समीक्षा के बाद ही सेवानिवृत्ति दी जाएगी। 30 वर्ष की नौकरी व 55 साल की आयु पूरी करने वाले कर्मियों के कार्य व्यवहार की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
फिलहाल, लखनऊ मंडल प्रशासन ने समीक्षा के लिए समस्त विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। इंजीनियरिंग विभाग ने 369 रेलकर्मियों को चिन्हित कर सूची तैयार करने के लिए सभी सहायक मंडल इंजीनियरों को पत्र लिख दिया है। अन्य 12 विभागों में भी रेलकर्मियों की सूची तैयार होने लगी है। रेलवे सुरक्षा बल के स्टाफ आफिसर ने भी वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त को सूची तैयार करने के लिए निर्देशित कर दिया है। यह संख्या तो सिर्फ लखनऊ मंडल की है, जिसमें गोरखपुर जंक्शन भी शामिल है। वाराणसी और इज्जतनगर मंडल प्रशासन ने भी अपने सभी विभागों में रेलकर्मियों के समीक्षा की कवायद तेज कर दी है। पूर्वोत्तर रेलवे में करीब पांच हजार रेलकर्मी जबरन सेवानिवृत्ति की जद में आ चुके हैं। वाराणसी और इज्जतनगर मंडल में भी प्रक्रिया शुरू, पांच हजार कर्मियों पर तलवार लटकी है।
जानकारों के अनुसार विभागवार रेलकर्मियों की सूची तैयार होने के साथ मूल्यांकन रिपोर्ट और कार्य व्यवहार का आंकलन शुरू हो गया है। रेलकर्मियों के पांच वर्ष के एपीएआर के आधार पर ही अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी। जिसमें देखा जाएगा कि रेलकर्मी के खिलाफ कोई विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई तो नहीं हुई है। एपीएआर में उसका मार्क अंक वेरी गुड से कम तो नहीं है। वेडी गुड से कम मार्ग पर रेलकर्मियों को न पदोन्नति मिलती है और न ही वेतन में वृद्धि हो पाती है। रिपोर्ट में उम्र, नौकरी और एपीएआर के अलावा कर्मचारियों के कार्य व्यवहार को भी शामिल किया जाएगा। सूची तैयार होने के साथ ही कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त ने विरोध जताते हुए सरकार पर रेलवे को बेचने के साथ कर्मचारियों को भी जबरदस्ती हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के माध्यम से जल्द ही इस प्रकरण को मंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे में लगभग 50 हजार रेलकर्मी तैनात हैं।
इंजीनियरंग- 369, एकाउंट- 47, कामर्शियल- 368, परिचालन- 365, इलेक्ट्रिकल- 223, प्रशासन- 35, यांत्रिक समग्र- 710, मेडिकल- 144, पर्सनल- 43, सुरक्षा- 117 और सिग्नल एवं टलिकाम- 147
आवधिक सेवा समीक्षा मूल नियमों के अंतर्गत प्रशासनिक मजबूती के लिए की जाती है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी यह समीक्षा की जानी है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है।
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