नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में बहस: आखिर कब लागू होगा महिला आरक्षण बिल?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में बहस: आखिर कब लागू होगा महिला आरक्षण बिल?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में बहस: आसान भाषा में पूरी समझ

नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून को लेकर संसद में अगले कुछ दिनों में अहम बहस होने जा रही है। यह मुद्दा इसलिए चर्चा में है क्योंकि कानून पास होने के बावजूद अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों इस पर आमने-सामने नजर आएंगे।

यह कानून क्या कहता है?

इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को भी आरक्षण मिलेगा। हालांकि यह कानून तुरंत लागू नहीं होगा, बल्कि कुछ जरूरी प्रक्रियाओं के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।

बहस का मुख्य मुद्दा क्या रहेगा?

संसद में सबसे बड़ा सवाल यही उठेगा कि जब कानून पास हो चुका है तो इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है।

सरकार का पक्ष

सरकार का कहना होगा कि इस कानून को लागू करने से पहले जनगणना कराना जरूरी है। जनगणना के बाद परिसीमन होगा, जिसमें सीटों का नया बंटवारा तय किया जाएगा। इसके बाद ही महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें तय हो सकेंगी। इसलिए बिना इन प्रक्रियाओं के कानून लागू करना संभव नहीं है।

विपक्ष का रुख

विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर सकता है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने कानून तो पास कर दिया, लेकिन इसे लागू करने की कोई समयसीमा तय नहीं की। विपक्ष इसे सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करने का मुद्दा बना सकता है।

OBC महिला आरक्षण पर टकराव

बहस के दौरान OBC महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग भी जोर पकड़ सकती है। कई राजनीतिक दल चाहते हैं कि महिला आरक्षण में OBC वर्ग की महिलाओं के लिए भी अलग कोटा तय किया जाए। वहीं सरकार इस पर अभी कोई स्पष्ट फैसला देने से बच सकती है या आगे विचार की बात कह सकती है।

परिसीमन को लेकर विवाद

परिसीमन को लेकर भी अलग-अलग राज्यों की चिंताएं सामने आ सकती हैं। कुछ राज्यों को डर है कि उनकी सीटें कम हो सकती हैं, जबकि कुछ राज्यों की सीटें बढ़ सकती हैं। ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।

तुरंत लागू करने की मांग

विपक्ष का तर्क

विपक्ष यह भी कह सकता है कि सरकार चाहे तो इस कानून को तुरंत लागू कर सकती है और यह सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति का सवाल है।

सरकार का जवाब

वहीं सरकार का तर्क रहेगा कि संवैधानिक प्रक्रिया पूरी किए बिना इसे लागू नहीं किया जा सकता।

बहस के बाद क्या हो सकता है?

इस बहस के बाद सरकार पर कानून को जल्द लागू करने का दबाव बढ़ सकता है। साथ ही जनगणना और परिसीमन को लेकर सरकार कोई स्पष्ट रोडमैप भी दे सकती है। OBC आरक्षण के मुद्दे पर भी आगे चर्चा या कोई कमेटी बनने की संभावना है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर होने वाली यह बहस देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि यह कानून जल्द लागू होता है या अभी इसके लिए और इंतजार करना पड़ेगा।

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Comments

  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram