बच्चे को जरूर सिखाएं ये बातें, जीवन में आएगी काम

बच्चे को जरूर सिखाएं ये बातें, जीवन में आएगी काम

बढ़ते हुए बच्चे की परवरिश में केवल पढ़ाई-लिखाई या फिर उन्हें बोलने का ढंग सीखना ही जरूरी नहीं होता है। बल्कि कुछ लाइफ स्किल भी सिखाना जरूरी है। जिससे जब आप उसके आसपास ना हो तो भी वो आराम से रह सके। बढ़ते हुए बच्चों में सीखने की क्षमता ज्यादा होती है। जब आप कम उम्र से ही उसे ये सारी स्किल सिखाते हैं तो बच्चा तेजी से उन्हें समझता और सीखता है।

12 साल की उम्र आते-आते बच्चों को इन सारी बातों को सिखा देना जरूरी है। कई बार माता-पिता को लगता है कि अभी तो ये बच्चा है लेकिन इन स्किल से बच्चे के साथ ही आपकी लाइफ भी आसान हो जाएगी। तो चलिए जानें वौ कौन सी लाइफ स्किल है जो बच्चे को जरूर सिखा देनी चाहिए।


खुद के लिए कुकिंग

कुकिंग का मतलब गैस जलाकर कुछ रेसिपी बनाने की बात नहीं हो रही लेकिन 12 साल की उम्र तक आते-आते बच्चे को खुद के लिए सैंडविच, शेक जैसी चीजों को बनाना आ जाना चाहिए।


कमरे की सफाई

बच्चे को साफ-सफाई का पाठ कम उम्र से ही सिखाना जरूरी होता है। कपड़े, खिलौने, कापी-किताब को सही जगह पर रखने के साथ रूम की क्लीनिंग करना, बेडशीट बदलना अपने बच्चे को जरूर सिखाएं। इस तरह की आदत आपके काम को भी हल्का करेगी।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जानकारी

बच्चे को घर का रास्ता और स्कूल से आने-जाने का रास्ता और वो रास्ते जिन पर अक्सर आना-जाना होता है। उनकी जानकारी जरूर कराएं। ये स्किल बच्चे के लिए बहुत जरूरी है।

सामान खरीदने की स्किल भी सिखाएं

12 साल की उम्र तक आते-आते बच्चे को घर के आसपास की शॉप से छोटे-मोटे सामान जैसे दूध, दही, स्टेशनरी लाने की आदत लगाएं। ऐसा करने से बच्चे को आप इंडिपेंडेंट और कॉन्फिडेंट बनाने में मदद करेंगी।

छोटे सिबलिंग का ध्यान

12 साल की उम्र तक आपका बच्चा इतना समझदार होना चाहिए कि वो अपने छोटे भाई-बहन की देखरेख कर सके। बिना किसी बड़े सदस्य की मौजूदगी के।

होमवर्क करने की आदत

12 साल की उम्र तक आते-आते बच्चे को अपना होमवर्क खुद से करने के लिए बैठ जाना चाहिए। भले ही आप उसकी हेल्प करें लेकिन वो सारा होमवर्क अपनी हैंडराइटिंग में कंप्लीट करे।

फोन नंबर और एड्रेस हो याद

बच्चे को घर के सदस्यों के फोन नंबर और घर के एड्रेस याद करवाने चाहिए। जिससे घर के बाहर उसके गुम होने का खतरा ना हो और वो इमरजेंसी में हेल्प मांग सके।

फर्स्ट ऐड किट की नॉलेज

बच्चे को पता होना चाहिए कि चोट लगने पर कैसे ट्रीट करना है। इसका मतलब है कि घर में रखे फर्स्ट ऐड किट को कैसे यूज करना है बच्चे को जरूर सिखाएं।

इमोशन जाहिर करना सिखाएं

12 साल की उम्र तक आते-आते बच्चे को खुद के इमोशन कैसे जाहिर करना है जरूर सिखाएं। उसके ओपिनियन और प्वाइंट ऑफ व्यू को दूसरों के सामने कैसे जाहिर करना है ये सिखाना भी जरूरी है।

स्कूल के लिए रेडी होना

10-12 साल की उम्र तक आते-आते बच्चे को स्कूल के लिए खुद से रेडी होना आना चाहिए। बैग लगाना, टिफिन रखना और ड्रेस पहनने का सलीका सही वक्त पर सिखा दें।

मनी मैनेजमेंट 

बच्चे को पैसे खर्च करने और बचत करने का गुण भी इस उम्र तक सिखा देना चाहिए। जिससे कि वो फालतू के खर्च कैंडी और खिलौनों पर ना करें।

Bhartiyavani.com ( भारतीय वाणी ) एक राष्ट्रीय हिन्दी न्यूज़ वेबसाइट है। यह 2019 में स्थापित हुई और इस न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से हम सभी ताजा खबरें और समाज से जुड़े सभी पहलुओं को आपके सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न करते है।

हमारी वेबसाइट एक रजिस्टर्ड वेबसाइट है जो कि भारत सरकार द्वारा MSME (ministry of micro small and medium enterprises) से सर्टिफाइड है।

लगभग 1 करोड़ से अधिक व्यूज के साथ लगभग २० लाख से अधिक दर्शक हमारे साथ जुड़ चुके है

अपने किसी भी सुझाव के लिए आप हमारी ईमेल आईड bhartiyawani@gmail.com पर संपर्क कर सकते है या फिर हमारे व्हाट्सअप नंबर 8979456781 पर संपर्क कर सकते है

Write a Review

Comments

  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram