मेरठ में ज़हरीला खेल: कास्टिक और नील से बन रहा था नकली पनीर, लखनऊ की टीम ने दो फैक्ट्रियां पकड़ीं

मेरठ में ज़हरीला खेल: कास्टिक और नील से बन रहा था नकली पनीर, लखनऊ की टीम ने दो फैक्ट्रियां पकड़ीं

मेरठ में 'जहर' वाला पनीर: कास्टिक और नील से बन रही थी पनीर की खेप, लखनऊ की टीम का बड़ा एक्शन

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। लखनऊ से आई खाद्य विभाग (Food Safety and Drug Administration) की विशेष टीम ने जानी थाना क्षेत्र के नगला कुंभा गांव में छापेमारी कर नकली पनीर बनाने वाली दो अवैध फैक्ट्रियों को सील किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां खाने वाला पनीर दूध से नहीं, बल्कि कास्टिक सोडा, नील और जानलेवा केमिकल के जरिए तैयार किया जा रहा था।

खुफिया सूचना पर लखनऊ की टीम ने मारा छापा

​खाद्य विभाग को लंबे समय से मेरठ के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर मिलावटी पनीर बनाने की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर कार्रवाई करते हुए लखनऊ से आए खाद्य विभाग के अधिकारी वीके राठी के नेतृत्व में एक टीम ने बृहस्पतिवार को जानी थाना पुलिस के साथ मिलकर हामिद और जाविद के ठिकानों पर दबिश दी।

​छापेमारी के दौरान टीम ने देखा कि फैक्ट्री के अंदर गंदगी के बीच पनीर तैयार किया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में तैयार नकली पनीर और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक रसायनों को जब्त किया है।

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कास्टिक और नील से 'सफेदी' का खेल

​पूछताछ में फैक्ट्री मालिकों ने जो खुलासे किए, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पनीर को चमकदार और सफेद दिखाने के लिए उसमें नील और कास्टिक सोडा का मिश्रण मिलाते थे। इसके अलावा, पनीर की मात्रा बढ़ाने के लिए कई अन्य प्रतिबंधित केमिकल्स का उपयोग किया जा रहा था।

अधिकारी का कथन: "यह पनीर सीधे तौर पर इंसानी सेहत के लिए जहर समान है। कास्टिक और केमिकल युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से लीवर और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।" — वीके राठी, खाद्य विभाग अधिकारी

बरामद माल को गड्ढे में दबवाकर किया नष्ट

​खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर ही सख्त कदम उठाते हुए बरामद किए गए नकली पनीर के सैंपल भरे। सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, कई क्विंटल असुरक्षित पनीर को एक बड़ा गड्ढा खुदवाकर उसमें दबवा दिया गया ताकि इसे दोबारा बाजार में न बेचा जा सके।

फैक्ट्री मालिकों पर मुकदमा दर्ज, जांच तेज

​प्रशासन ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए हामिद और जाविद के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नकली पनीर मेरठ के अलावा किन-किन शहरों और होटलों में सप्लाई किया जा रहा था।

सावधानी बरतें:

खाद्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि बहुत अधिक सफेद या रबर जैसा खिंचने वाला पनीर खरीदने से बचें। यदि पनीर में किसी भी तरह की केमिकल की गंध आए, तो तुरंत इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन से करें।

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram