जानिए उत्तराखंड के लोक नृत्य को... क्या है छोलिया का मतलब

जानिए उत्तराखंड के लोक नृत्य को... क्या है छोलिया का मतलब

छोलिया, कुमाऊं का प्रसिद्ध परम्परागत लोक नृत्य है जिसका इतिहास सैकड़ों-हजारों वर्ष पुराना है। पुराने वक्त से ही छोलिया नृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान रहा है। एक साथ श्रृंगार और वीर रस दोनों के दर्शन कराने वाले इस नृत्य के बारे में अलग-अलग मत हैं। कुछ इसे युद्ध में जीत के बाद किया जाने वाला नृत्य मानते हैं तो कुछ इसे तलवार की नोक पर शादी करने वाले राजाओं के शासन की उत्पत्ति मानते हैं। 

कई वाद्य यंत्रों का होता है प्रयोग

इस नृत्य में ढोल-दमाऊं की भूमिका अहम होती है। इसके अलावा मसकबीन, नगाड़े, झंकोरा, कैंसाल और रणसिंगा आदि वाद्य यंत्रों का भी उपयोग इसमें बखूबी होता है। 90 के दशक तक छोलिया नृत्य लगभग हर कुमाउनी शादी में दिखाई दे जाता था लेकिन आज इसकी जगह बैंड-बाजे ने ले ली है।

रंगीन पोशाक बनाती है खास 

इन नृतकों की वेशभूषा में चूड़ीदार पैजामा (पायजामा), एक लंबा सा घेरदार छोला (कुर्ता) और उसके ऊपर पहनी जाती थी बेल्ट, सिर में पगड़ी, पैरों में घुंघरू की पट्टियां, कानों में बालियां और चेहर पर चंदन और सिन्दूर होता है। बारात के घर से निकलने पर कुछ पुरूष नृतक रंग-बिरंगी पोशाकों में तलवार और ढाल के साथ बारात के आगे-आगे नृत्य करते हुए चलते हैं। ये नृत्य दुल्हन के घर पहुंचने तक जारी रहता है। साथ में गाजा-बाजा भी होते है। बारात के साथ तुरी या रणसिंगा (ये कुमांऊनी संगीत यंत्र हैं जो रणभेरी या बैगपाईपर जैसे ही होते हैं) भी होता है, और हां, साथ में लाल रंग का झंडा भी चलता है। 

छोलिया मतलब छल 

नृत्य के दौरान नृतकों की भाव-भंगिमा में ‘छल’ का प्रदर्शन होता है। वह अपने हाव-भाव से एक दूसरे को छेड़ने, चिढ़ाने और उकसाने के साथ ही डर और खुशी के भाव भी प्रस्तुत करते हैं। आस पास मौजूद लोग इस बीच कुछ रुपए या सिक्के उछालते हैं जिसे छोल्यार अपनी तलवार की नोक से ही उठाते हैं। छोल्यार द्वारा एक-दूसरे को उलझाकर, बड़ी ही चालाकी से पैसे खुद उठाने का प्रयास काफी रोचक होता है। 

लगभग 22 लोगों की इस छोलिया नृतकों की टीम में 8 नृतक और बाकि 14 लोग गाजे-बाजे वाले होते हैं। नृतकों का उछलना, पलटना, पीछा करना और हवा में तलवार उठाकर ललकारते हुए आगे बढ़ना इस नृत्य की विशेषताएं हैं।

आज के दौर में भी कुछ विवाह में आपको ये नृत्य देखने को मिल जाएगा। वर पक्ष की ओर से इन्हें आमन्त्रित किया जाता है। नृत्य करते हुए ये बरात का मार्ग प्रदर्शित करते हुए वधु के घर के प्रांगण तक ले जाते हैं।

Bhartiyavani.com ( भारतीय वाणी ) एक राष्ट्रीय हिन्दी न्यूज़ वेबसाइट है। यह 2019 में स्थापित हुई और इस न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से हम सभी ताजा खबरें और समाज से जुड़े सभी पहलुओं को आपके सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न करते है।

हमारी वेबसाइट एक रजिस्टर्ड वेबसाइट है जो कि भारत सरकार द्वारा MSME (ministry of micro small and medium enterprises) से सर्टिफाइड है।

लगभग 1 करोड़ से अधिक व्यूज के साथ लगभग २० लाख से अधिक दर्शक हमारे साथ जुड़ चुके है

अपने किसी भी सुझाव के लिए आप हमारी ईमेल आईड bhartiyawani@gmail.com पर संपर्क कर सकते है या फिर हमारे व्हाट्सअप नंबर 8979456781 पर संपर्क कर सकते है

Write a Review

Comments

  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram