"वर्ल्ड म्यूजियम डे" के मौके पर जानिए बरेली के इस सुप्रिसिद्ध म्यूजियम के बारे में….!
बरेली: आज पूरी दुनियां में इंटरनेशनल म्यूजियम डे मनाया जा रहा है। म्यूजियम हमारे जीवन काल से जुड़े महत्वपूर्ण इतिहास को संजोकर रखे हुए हैं। पूरे देश के अन्दर कई सुप्रिसिद्ध म्यूजियम हैं जिनकी ख्याति पूरी दुनियां में मशहूर है। अगर आप भी अपने देश और परंपराओं से जुड़े इतिहास की जानकारी रखने का शौक रखते हैं तो आपको म्यूजियम के बारे में जानना बेहद आवश्यक है क्योंकि ये म्यूजियम आदिकाल व प्राचीनकाल से लेकर मानव इतिहास और परंपराओं की यादों को संजोये हुए हैं।
आज इंटरनेशनल म्यूजियम डे के मौके पर हम आपको एक ऐसे ही म्यूजियम के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो समूचे उत्तर भारत में अपनी एक अलग पहचान रखता है। विशेष तौर से रूहेलखंड समेत पूरे वेस्ट यूपी के स्टूडेंट्स इस म्यूजियम का भ्रमण करके अपने महत्वपूर्ण शोध कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। म्यूजियम एक रिसर्च स्टूडेंट्स से लेकर हर स्टूडेंट्स के लिए अहम जानकारी देने का एक सफल साधन है।
दरअसल आज हम बात कर रहे हैं बरेली के महात्मा ज्योतिबाफुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय के कैंपस में मौजूद पांचाल म्यूजियम की। अगर आप बरेली में हैं और अपने इतिहास और धरोहरों की जरा भी जानकारी लेना या रखना चाहते हैं तो आपको एक बार रूहेलखंड यूनिवर्सिटी के पांचाल म्यूजियम जरूर जाना चाहिए। यह म्यूजियम बरेली शहर समेत आसपास के पूरे इलाके के इतिहास और धरोहरों को संजोकर रखे हुए है।
ऐसे मिला पांचाल म्यूजियम का नाम
चूंकि प्राचीनकाल में बरेली को पूर्व में पांचाल क्षेत्र के नाम से भी जाना गया है। यहां पांडवकालीन अहिच्छत्र किला समेत तमाम प्राचीन काल की कृतियां खोज के दौरान इतिहासकारों को मिलीं थीं। बरेली के अहिच्छत्र किले में पांचों पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान पांचाली द्रौपदी के साथ काफी समय व्यतीत किया था। इसके साथ ही यहां पांडवकालीन तालाब भी मौजूद है। जिस तालाब के बारे में पांचाली द्रौपदी ने अपने केश धोये थे। यहां से ही पांडव स्वर्गारोहिणी की यात्रा पर आगे के सफर के लिए रवाना हुए थे। इसीलिए इस म्यूजियम का नाम पांचाल म्यूजियम रखा गया है।
इस पांचाल म्यूजियम ने यहां के इतिहास और धरोहरों को बखूबी संजोकर रखा हुआ है। रूहेलखंड यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के प्रोफेसर और स्टूडेंट्स ने बड़ी मेहनत के साथ म्यूजियम में इतिहासकालीन वस्तुओं को संजोकर रखा है। पांचाल म्यूजियम में महाभारत कालीन अवशेषों से लेकर गुप्तकाल और मौर्यकाल के अवशेष भी आपको देखने को मिलेंगे। इस म्यूजियम में अति प्राचीन कालीन मुद्राएं भी मौजूद हैं जिन्हें देखकर आप आश्चर्यचकित रह जायेंगे। यही नहीं बरेली और अहिच्छत्र पांचाल क्षेत्र से जुड़ी तमाम वस्तुएं और पूरे रूहेलखंड के प्राचीन इतिहास को पांचाल म्यूजियम में संजोया गया है। इसीलिए अगर आप बरेली घूमने आएं या किसी भी तरह से बरेली से जुड़ें तो एक बार पांचाल म्यूजियम में जरूर जाईये और देखिये किस तरह से इतिहास और धरोहरों को यहां संजोकर रखा गया है।
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