होरमुज स्ट्रेट पर ईरान की नई रणनीति, IRGC बोला- राजदूत निकालने वालों को मिलेगा समुद्री रास्ता

होरमुज स्ट्रेट पर ईरान की नई रणनीति, IRGC बोला- राजदूत निकालने वालों को मिलेगा समुद्री रास्ता

होरमुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा दांव: अमेरिका-इजरायल के राजदूत निकालो, समुद्री रास्ता पाओ

IRGC का बड़ा बयान, अरब और यूरोपीय देशों के सामने नई शर्त

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक और रणनीतिक दांव चला है। तेहरान टाइम्स के हवाले से सामने आई खबर के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अरब और यूरोपीय देशों के लिए एक नई शर्त रखी है।

IRGC का कहना है कि जो भी अरब या यूरोपीय देश अपने यहां से अमेरिका और इजरायल के राजदूतों को निष्कासित करेगा, उसे ईरान की ओर से होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की पूरी आजादी और सुरक्षा दी जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

ईरान का यह संदेश साफ तौर पर उन देशों के लिए माना जा रहा है जो वॉशिंगटन और तेल अवीव के साथ रणनीतिक रिश्ते रखते हैं। इस बयान को क्षेत्रीय राजनीति में दबाव की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है होरमुज जलडमरूमध्य

दरअसल होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला कच्चा तेल और गैस इसी मार्ग से एशिया, यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंचता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले तेल व्यापार का लगभग एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से गुजरता है। ऐसे में इस रास्ते पर किसी भी तरह का राजनीतिक या सैन्य दबाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को तुरंत प्रभावित कर सकता है।

कूटनीतिक और भू-राजनीतिक दबाव का नया हथियार बना समुद्री मार्ग

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान अब इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को राजनयिक और भू-राजनीतिक दबाव के औजार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। अगर किसी देश ने ईरान की इस शर्त को स्वीकार किया तो यह मध्य पूर्व की कूटनीतिक स्थिति को पूरी तरह बदल सकता है।

हालांकि अभी तक किसी अरब या यूरोपीय देश की ओर से इस प्रस्ताव पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यदि होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।

फिलहाल दुनिया की नजरें ईरान के इस बयान और उस पर आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह कदम मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार दोनों को हिला सकता है।

Bhartiyavani.com ( भारतीय वाणी ) एक राष्ट्रीय हिन्दी न्यूज़ वेबसाइट है। यह 2019 में स्थापित हुई और इस न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से हम सभी ताजा खबरें और समाज से जुड़े सभी पहलुओं को आपके सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न करते है।

हमारी वेबसाइट एक रजिस्टर्ड वेबसाइट है जो कि भारत सरकार द्वारा MSME (ministry of micro small and medium enterprises) से सर्टिफाइड है।

लगभग 1 करोड़ से अधिक व्यूज के साथ लगभग २० लाख से अधिक दर्शक हमारे साथ जुड़ चुके है

अपने किसी भी सुझाव के लिए आप हमारी ईमेल आईड bhartiyawani@gmail.com पर संपर्क कर सकते है या फिर हमारे व्हाट्सअप नंबर 8979456781 पर संपर्क कर सकते है

Write a Review

Comments

  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram