इस फंगस को दूर करने के बजाय, हासिल करने की चुकाते हैं भारी कीमत ।
नई दिल्ली : कोरोना संक्रमण के बाद जिस बिमारी की हवा ने लोगों की हवा निकाल दी वो फंगस है, देखते ही देखते जाने कितने आकार प्रकार के फंगस बाजार में उपलब्ध हो गए हैं परंतु क्या आप जानते हैं एक फंगस ऐसी भी है, जिसकी कीमत काफी ज्यादा है और ये एक किलो फंगस खरीदने के लिए लोग लाखों रुपये तक खर्च कर देते हैं। ऐसे में जानते हैं कि वो कौनसी फंगस है, जो इतनी महंगी है और वो भारत में कहां पाई जाती है. साथ ही जानेंगे इस फंगस में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से इसकी कीमत इतनी ज्यादा है।हालांकि यह भी एक तथ्य है कि कुछ फंगस जिंदगी के लिए जरूरी हैं तो कुछ जिंदगी का काल बन जाते हैं. यानी ये बात साफ है कि हर फंगस आपके लिए नुकसानदायक नहीं है. ऐसी है एक फंगस पहाड़ों में पाई जाती है, जो इतनी कीमती है कि इसे खरीदने के लिए लोग लाखों रुपये खर्च कर देते हैं।
इस फंगस का नाम हैकैटरपिलर फंगस है. अगर भारत की बात करें तो इसे कीड़ा जड़ी के नाम से भी जाना जाता है. इसके अलावा कई लोग इसे यारशागुंबा या हिमालयम वियाग्रा के नाम से जानते हैं. यह दिखने में एक फली की तरह लगती है और एक कीड़े की तरह दिखती है. यह एक तरह का जंगली मशरूम है, जो एक खास कीड़े की इल्लियों यानी कैटरपिलर्स को मारकर उसके ऊपर पनपता है. इस जड़ी का वैज्ञानिक नाम कॉर्डिसेप्स साइनेसिस है. एक साधारण कीड़े जैसी दिखने वाली इस फंगस की लोग लाखों रुपये तक कीमत दे देते हैं. भारत में नहीं, इसकी ज्यादा डिमांड चीन या नेपाल में होती है. चीन में यह कीड़ा जड़ी काफी महंगे दाम में बेची जाती है।
कहां होती है ये फंगस कैटरपिलर फंगस 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में मिलती है यानी इसकी पहचान करके इसे लाना भी काफी मुश्किल काम है. यह भारत के अलावा नेपाल, चीन और भूटान में हिमालय और तिब्बत के पठारी इलाकों में भी मिलती है. भारत में उत्तराखंड में पिथौरागढ़, चमोली और बागेश्वर जिले में भी यह फंगस होती है, जिसे लोग निकालकर बेच देते हैं. कीड़ा जड़ी पाई जाती है. यह एक तरह का जंगली मशरूम है, जो एक खास कीड़े की इल्लियों यानी कैटरपिलर्स को मारकर उसके ऊपर पनपता है. इस जड़ी का वैज्ञानिक नाम कॉर्डिसेप्स साइनेसिस है।
क्यों है इतनी महंगी इसके मंहगी होने के कई कारण है. कहा जाता है कि इस जड़ी-बूटी को कैंसर की दवा के रुप में भी इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही इसे चीन में अलग अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाता है. चीन में कीड़ा जड़ी को यौनोत्तेजक दवा के तौर पर देखा जाता है और एथलीट भी इसका इस्तेमाल स्टेरॉइड के रुप में करते हैं. यह स्वाद में मीठी होती है और दो ईंच तक लंबी होता है. हिमालय वियाग्रा का इस्तेमाल ताकत बढ़ाने की दवाओं समेत कई कामों में होता है. इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ ही यह फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के इलाज में कारगर है।
कितनी है कीमत वैसे तो इसकी कीमत देश, मौसम आदि परिस्थितियों पर निर्भर करती है. इसके महंगा होने का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि एक कीड़ा 1000 से 2000 रुपये तक का मिलता है. लेकिन इसकी कीमत 20 लाख रुपये प्रति किलो तक है. चीन, हांगकांग जैसे देशों में इसकी खूब मांग है. चीन में कीड़ा जड़ी को यौन उत्तेजना वाली दवा के तौर पर देखा जाता है. वहीं एथलीट भी स्टेरॉइड के रुप में इसका इस्तेमाल करते हैं।
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