सर्दियों में बच्चों को लग जाए ठंड तो अपनाएं ये घरेलू रामबाण उपाय
सर्दी का प्रकोप बढ़ते जा रहा है या यूं कहे कि ठंड ने पूरे उत्तर भारत को ठिठुरन में डाल दिया है. जहां शहर का पारा लगातार गिर रहा है, वहीं तीन-चार दिनों से लोगों ने सूर्य के दर्शन भी नहीं किए है.
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि सर्दी का सीतम अभी जारी रहेगा. सर्दी के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बच्चों को होती है. इसलिए उनके सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है. बच्चे जहां बाहर खेलने कूदने की जिद करते है, वही ऊनी कपड़ों से कई बार परहेज भी करने लगते है. ठंड के दिनों में बच्चों को अक्सर हल्की बुखार और सर्दी खांसी हो जाती है. दवाईयों पर आश्रित होने के साथ-साथ परिजनों को डॉक्टरी सलाह पर कुछ घरेलू नुस्खे भी आजमाने चाहिए. बच्चों की सेहत का ख्याल रखने के लिए परिवार के सभी सदस्य परेशान होते है.
तो आज जानते है बच्चों को ठंड से बचाने के कुछ उपाय...
अजवाइन का उपयोग: हर भारतीय के किचन में अजवाइन आम तौर पर पाई जाती है. नवजात शिशुओं से लेकर बुजुर्ग तक की अच्छी सेहत के लिए अजवाइन हर घर का हिस्सा है. बच्चों को ठंड से बचाने के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है. अजवाइन को पानी में अच्छी तरह से उबाले, इतना उबाले की पानी की मात्रा आधी रह जाए. इसके बाद थोड़ा सा काला नमक मिलाकर बच्चों को पिलाएं. इस मिश्रण से बच्चों का शरीर अंदर से गर्म होगा, वही उनके पाचन में सुधार होगा. जिससे बच्चों की ओवरऑल सेहत अच्छी होगी. इस मिश्रण का उपयोग बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी लाभकारी है. बच्चों को बुखार होने पर अजवाइन को गर्म करके सूती कपड़ें में लपेटकर हथेली और पैर के तलवे पर रगड़ने से बुखार कम हो जाता है. सभी उम्र के लोग इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह के बाद कर सकते है.
दालचीनी और जायफल का चूर्ण: जायफल की तासीर गर्म होती है, दादी नानी के पुरानी नुस्खों में बच्चों की मालिश के लिए बनाये जाने वाले तेल में जायफल आपको मिलेगा ही. जायफल के इस्तेमाल से बच्चों को ठंड के दिनों में गर्मी प्रदान करने वाला तेल बहुत ही खास है. ठंडे प्रदेशों में जायफल को शहद में डुबोकर बच्चों को चटाने का तरीका काफी पुराना है. दालचीनी और जायफल को हल्का गर्म करके इसके पाउडर को शहद के साथ मिलाकर बच्चों को देने से सर्दी, जुखाम, और हल्की बुखार में बहुत राहत मिलती है. पर इसकी मात्रा पर ध्यान दिया जाना बहुत जरूरी है. हल्की मात्रा में ही इसका उपयोग दिन में एक बार ही करना चाहिए.दालचीनी भी नैचुरली सर्दी खांसी को कम करने में मदद करती है. दालचीनी का मजबूत एंटी-ऑक्सीडेंट गुण शरीर में कई एंजाइम के उत्पादन में मदद करता है. यह बच्चों के शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है.
फाइबर युक्त भोजन: सर्दी के मौसम में सब्जियों और फलों की बहार होती है. नेचुरली ठंड के दिनों में पौधे हाइबरनेशन की स्थिति में चले जाते है और अपनी सुरक्षा के लिए सारे महत्वपूर्ण तत्व अपने फलों में स्टोर करने लगते है. बच्चों के भोजन में इन पर्दाथों को स्थान देने से बच्चों की सेहत में चार चांद लग जाते है. सेब, केला, विभिन्न किस्म के दाल, सोयाबीन, संतरा, कद्दू, किवी, चिकू इन सभी में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाई जाती है. फाइबर युक्त भोजन से बच्चों को पेट संबंधी रोगों से भी बचाया जा सकता है, जो सर्दियों में बहुत आम है.
तुलसी के पत्तें, काली मिर्च, अदरक का काढ़ा: तुलसी के पत्तों, काली मिर्च, और अदरक से तैयार काढ़ा सभी के लिए फायदेमंद होता है. सीमित मात्रा में इसके उपयोग से बच्चों के सेहत को तंदुरूस्त किया जा सकता है. सर्दी, खांसी और हल्के बुखार के मामले में तो यह नुस्खा बहुत कारगर सिद्ध होता है. तुलसी जहां इम्युनिटी बूस्टर का काम करता है. सर्दी खांसी और तनाव कम करने में भी यह सहायक है. सर्दियों के दिनों में इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है. काली मिर्च के उपयोग से इससे बचाव होता है. अदरक अपने औषधीय गुण के लिए जाना जाता है. अदरक का उपयोग बच्चों के लिए भी सेफ माना जाता है. पीडियाट्रिशिन की सलाह पर इसका उपयोग बच्चों के मामले में किया जा सकता है.
गर्म कपड़ों को अच्छी तरह पहनाएं: कई बार देखा गया है कि सर्दियों में ठंडी हवा बहुत बहा करती है, ऐसे मौसम में भी बच्चें बाहर खेलने की जिद करते है.सर्द हवा शरीर को जल्दी जकड़ लेती है. बच्चों को हमेशा, जैकेट, टोपी, दस्ताने और मोजे पहनाकर रखें. बच्चे को ठंड से बचाने के लिए ये सबसे सामान्य उपाय लगते है पर यह बच्चों की सेहत पर गहरा प्रभाव छोड़ते है. ठंड से अगर बच्चों को बचाना है तो इन बातों का ध्यान रखकर आप ऐसा कर सकते है.
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