एक ऐसा स्थान जिस पर है दुनिया की नजर, दूर दूर से आते हैं सुपरस्टार तपस्या करने, फिल्में भी बनी...

एक ऐसा स्थान जिस पर है दुनिया की नजर, दूर दूर से आते हैं सुपरस्टार तपस्या करने, फिल्में भी बनी...

देहरादून: उत्‍तराखंड (Uttarakhand News) को देवभूमि ऐसे ही नहीं कहा जाता। यहां के पहाड़ों में अनेक दिव्‍य और पूजनीय स्‍थल हैं। ऐसी ही एक जगह है 'महावतार बाबा की गुफा' (Mahavtar Baba Cave) । महावतार बाबा (Mahavatar Baba) ऐसी आध्‍यात्मिक विभूत‍ि हैं जिनके बारे में दुनिया भर में इंटरनेट पर सर्च किया जाता है। साउथ के सुपरस्‍टार तो इनके ऊपर एक फिल्‍म भी बना चुके हैं। महावतार बाबा का पहली बार जिक्र स्‍वामी योगानंद परमहंस ने अपनी आत्‍मकथा 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ अ योगी' में किया है। आज महावतार बाबा एक ऐसे संत के रूप में प्रसिद्ध हैं जो हजारों साल से मानवता का मार्गदर्शन करते चले आ रहे हैं। उनके बारे में यहां तक कहा जाता है कि वह महात्‍मा बुद्ध और ईसा मसीह के भी संपर्क में रहे हैं।

योगानंद परमहंस ने अपने गुरु युक्‍तेश्‍वर गिर‍ि के गुरु और भारत की जानीमानी आध्‍यात्मिक हस्‍ती श्‍यामाचरण लाहिड़ी से महावतार बाबा की मुलाकात का जिक्र अपनी आत्‍मकथा में किया था। लाहिड़ी महाशय ब्रिटिश उन दिनों रानीखेत ट्रांसफर होकर आए थे। एक दिन वे रानीखेत से कुछ दूर पहाड़ों पर घूमने निकले तभी उन्‍हें एक अद्भुत युवा के दर्शन हुए।

उस युवक ने उन्‍हें नाम लेकर पुकारा तो वह हैरान रह गए। बाद में उस युवक ने उन्हें बताया कि पिछले किसी जन्‍म में श्‍यामाचरण उन्‍हीं के साथ तपस्‍या में लीन थे। उस युवक ने उन्‍हें श्‍यामाचरण को उनका आसान और पूजापाठ की दूसरी चीजें दिखाईं तो उन्‍हें अचानक पिछले जन्‍म की याद हो आई। बाद में इस युवक ने श्‍यामा चरण लाहिड़ी को इसी गुफा में क्रियायोग की दीक्षा भी दी। तब से यह गुफा अध्‍यात्‍म प्रेमियों और जिज्ञासुओं के बीच बहुत प्रसिद्ध हो गई।

इस युवक को योगानंद परमहंस ने नाम दिया 'महावतार बाबा'। योगानंद परमहंस का कहना था कि धरती पर राम, कृष्‍ण, बुद्ध जैसे ईश्‍वर के अवतार आए और अपना काम करके चले गए लेकिन महावतार बाबा ने स्‍वयं को जनता के सामने प्रकट नहीं किया। वह ऐसे महान अवतार हैं जो हजारों वर्ष से मानवता को राह दिखाते आ रहे हैं। मनुष्‍यों की आध्‍यात्मिक उन्‍नति और सामूहिक चेतना को उन्‍नत करने के लिए वह लगातार काम करते रहते हैं।

महावतार बाबा के बारे में बहुत सारी कहानियां प्रचलित हैं। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि उनका जन्‍म दक्षिण में हुआ था और उनके बचपन का नाम नागराज था। सच क्‍या है यह तो कोई नहीं जानता। लेकिन यह जरूर कहा जाता है कि महावतार बाबा दुनिया भर में घूमते रहते हैं। उनके साथ कुछ शिष्‍य भी हैं, यह जानकार हैरानी होगी कि उनमें से कुछ अमेरिकन भी हैं। महावतार बाबा किसी एक जगह नहीं टिकते। समय-समय पर अनेक संतों ने उनके प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले में मिलने की कथाएं कहीं हैं।

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  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram