पूरा दिन कंप्यूटर पर काम करके थक जाती हैं आपकी आंखें तो इस तरह दें आराम
आजकल के दौर में अधिकतर कंपनियों के कर्मचारी पूरा दिन कंप्यूटर पर काम करते हैं जिस कारण आंखें थकने लगती है. इतना ही नहीं कई बार तो इसकी वजह से आंखों से पानी भी बहने लगता है और जलन भी होती है. ऐसे में आप भी अगर अपनी आंखों का खास ख्याल रखना चाहते हैं तो आज की हमारी इस खबर के माध्यम से जानें की कैसे आप अपनी आंखों का ध्यान रख सकते हैं. आप भी अगर 8 घंटे से अधिक कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हैं तो नीचे दिए गई डिटेल्स के बारे में अच्छे से पढ़ लें. अगर आपकी आँखों में पीड़ा एक दिन बाद भी बनी रहे तो यहाँ कुछ चीज़ें दी गयी हैं जिन्हें घर पर आजमाने से आँखों की तकलीफ़ से राहत पायी जा सकती है.
आँखों के खिंचाव में राहत पायें
ऑय ड्रॉप्स या कृत्रिम आंसू शुष्क आँखों को नम करने में मदद कर सकते हैं जिससे आँखों की पीड़ा में शांति मिल सकती है. आप सादा नमक का घोल या मेडिकेटिड ऑय ड्रॉप्स का उपयोग कर सकते हैं.
गर्म सेंक आपकी आँखों की चारों ओर की मांसपेशियों को विश्राम देने में मदद कर सकता है जिससे आँखों का तनाव कम होता है और आँखों की थकान में भी राहत मिलती है. आप जिस प्रकार से सबसे अच्छा महसूस कर सकें उसके आधार पर, शुष्क या नम सेंक का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आप चश्मा या कांटेक्ट लेंस लगाते हैं तो किसी भी प्रकार के सेंक के पहले उन्हें निकाल दें.शुष्क सेंक के लिए, एक साफ़ मोज़े में कच्चे चावल या बीन्स भरें और गांठ लगाकर मोज़े को बंद करके रख दें. अब इस मोज़े को माइक्रोवेव में लगभग 30 सेकंड के लिए गर्म होने के लिए रख दें. अब इस सेंक को अपनी आँखों पर लगायें.
नम या गीले सेंक के लिए, एक साफ़ कपडे या कई सारी पेपर टॉवल को गर्म पानी में भिगोयें. अपनी आँखों पर इसे रखें. अगर आप चाहें तो अपनी हथेलियों से हल्का दबाव डाल सकते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा दबाव न डालें. इस सेंक को ठंडा होने तक आँखों पर ही रहनें दें.
आपनी आँखों के हिस्सों पर अपनी हथेलियों के द्वारा हल्का दबाव डालने से आँखों के खिंचाव और दर्द में राहत मिल सकती है. जब आप हथेली अपनी आँखों पर सेंक के रूप में रखें तब चश्मे या कांटेक्ट लेंस हटा दें.
अपने हाथों को हथेलियों के साथ क्रॉस करने हुए अपनी ओर लायें. धीरे से अपनी आँखों पर अपने हाथ की हथेली को दबाएँ यह दबाव 30 सेकंड तक लगातार बनाये रखें और फिर विश्राम दें | पीड़ा को कम करें के लिए ज़रूरत के अनुसार इसे दोहराएँ.
कुछ हर्ब्स जैसे केमोमाइल, गोल्डनसी, ऑयब्राइट, कैलेंडुला, और ऑरेगोन ग्रेप/बर्बेर्री में संक्रमण-विरोधी गुण पाए जाते हैं जो आपकी आँखों को शांति पहुँचाने में मदद कर सकते हैं. परन्तु, इसके कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं जो सुझाव दें कि अन्य सेंक की अपेक्षा एक टी बैग अधिक प्रभावशाली होती है, आप हर्बल अरोमा में भी शांति खोज सकते हैं.
एक मग में दो टी बैग्स रखें और इनके ऊपर उबलता हुआ पानी डालें. लगभग 5 मिनट तक या पानी को थोडा कम गर्म रहने तक चाय को भाप में रहने दें. अतिरिक्त तरल को टी बैग से निचोड़ दें और प्रत्येक आँख पर एक–एक रखें. अपने सर को पीछे झुकाएं और विश्राम करें. एक बार टी बैग के ठन्डे हो जाने पर उन्हें हटा दें. आप जब तक चाहें इसे दोहरा सकते हैं. अगर आप टी बैग्स न ले सकें तो एक घुटनों तक लम्बे नायलॉन के मोज़े की अंगुली वाले हिस्से को काटकर उसमे सूखी हुई हर्ब डालें और उसे कसकर बाँध दें और इसका उपयोग टी बैग के समान करें.
यह प्रत्येक किशोर का सबसे पसंदीदा तरीका है, आँखों को घुमाने से आँखों के खिंचाव में राहत पाई जा सकती है. जब आप निम्नलिखित गतिविधियाँ करें तब अपनी आँखें बंद करके गहरी सांसों पर फोकस करें:
अपनी आँखों को घडी की दिशा में घुमाएँय अब, इन्हें घडी की विपरीत दिशा में घुमाएँ. यह पूरी गतिविधि एक बार आँख घुमाने को पूरा करती है. आँखों को घुमाने की पूरी गतिविधि को 20 बार दोहराएँ. धीमी गति से शुरू करें और प्रत्येक बार थोड़ी-थोड़ी गति बढ़ाते जायें. दिन में इसे 2-4 बार करने से आँखों की खिंचाव को रोकने या राहत पाने में मदद मिलती है.
चिंता, तनाव और मांसपेशियों में तनाव के कारण आँखों पर जोर पड़ सकता है और आँखों में पीड़ा उत्पन्न हो सकती है. कुछ गहरी सांस लें, अपने हाथ-पैरों को हिलाएं और अपने सिर को चारों ओर गोल घुमाएँ. थोड़ी स्ट्रेचिंग करें. अगर संभव हो तो ध्यान भटकाने वाले स्थान से दूर एक शांत, आरामदायक स्थान ढूंढें. एक समान और गहरी साँसें लें. जितना हो सके उतनी कसकर अपनी पलकें बंद करें. इस तनाव को 10 सेकंड के लिए थामे रखें और फिर विश्राम दें. अब अपनी आँखें खोलें.
आपको इस तरह अनुभव होना चाहिए जैसे आप आँखों को चौड़ा कर रहे हो. इस स्थिति में 10 सेकंड के लिए बने रहें और फिर विश्राम दें.इन दोनों व्यायामों को ज़रूरत के अनुसार दिन भर दोहराएँ|
कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लम्बे समय तक रहना, वास्तव में आपकी पलक झपकने की संख्या बहुत कम कर सकता है जिससे आँखें सूख जाती हैं. अपनी आँखों को नम रखने के लिए लगातार झपकाते रहें. अगर आपको फिर भी परेशानी हो तो आर्टिफीसियल टीयर्स की मदद ले सकते है.
अगर आप प्रिज़रवेटीव युक्त आर्टिफीसियल टीयर्स का इस्तमाल करें तो इन्हें दिन में चार बार से ज्यादा इस्तेमाल न करें. सामान्यतः इन आंसुओं के बहुत ज्यादा उपयोग से आपकी आँखों की परेशानी और बढ़ सकती है. अगर आपके आर्टिफीसियल टीयर्स में प्रिज़रवेटीव मौजूद न हों तो ज़रूरत के अनुसार अधिकतर आप इनका उपयोग कर सकते है.
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