1956 की सर्दियों की कहानी: बहरीन पहुंचे ब्रिटिश पत्रकार, खाड़ी में दिखे 'ब्रिटिश भारत' के निशान

1956 की सर्दियों की कहानी: बहरीन पहुंचे ब्रिटिश पत्रकार, खाड़ी में दिखे

साल 1956 की सर्दियों की बात है। ‘द टाइम्स’ के वरिष्ठ संवाददाता डेविड होल्डन को बहरीन की पोस्टिंग मिली। यह वही समय था जब बहरीन अब तक ब्रिटेन के संरक्षण में था, और डेविड होल्डन के लिए यह पोस्टिंग बेहद खास मानी जा रही थी — वे भूगोल के अच्छे जानकार थे और उन्हें लंबे समय से इस क्षेत्र में काम करने की इच्छा थी।

जब होल्डन बहरीन पहुंचे, उस वक्त पूरे अरब क्षेत्र में 1877 में रानी विक्टोरिया को 'भारत की सम्राज्ञी' बनाए जाने की सालगिरह मनाई जा रही थी। यह आयोजन ‘गार्डन दरबार’ के रूप में हुआ, और होल्डन को उम्मीद नहीं थी कि उन्हें इस ऐतिहासिक सम्मान समारोह में शिरकत करने का अवसर मिलेगा।

बहरीन के बाद जब उन्होंने दुबई, अबू धाबी और ओमान जैसे खाड़ी देशों का दौरा किया, तो वहां उन्हें हर जगह ब्रिटिश भारत की विरासत के निशान नज़र आए। चाहे वह प्रशासनिक ढांचा हो, सैन्य छावनियां हों या फिर ब्रिटिश शैली के स्कूल और भवन — हर कोने में उपनिवेशिक अतीत की छाप साफ दिख रही थी।

डेविड होल्डन की यह यात्रा सिर्फ एक रिपोर्टिंग असाइनमेंट नहीं थी, बल्कि ब्रिटिश साम्राज्य के इतिहास और भारत के प्रभाव की गहराई से पड़ताल भी थी — जो दशकों बाद भी खाड़ी के रेगिस्तान में गूंज रही थी।

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Comments

  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram