कौन हैं नेहा बोरा? JNU की शोधार्थी से AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष तक, जानिए पूरा प्रोफाइल

कौन हैं नेहा बोरा? JNU की शोधार्थी से AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष तक, जानिए पूरा प्रोफाइल

नई दिल्ली। 23 दिन की भूख हड़ताल, छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका और जंतर-मंतर पर पुलिस हिरासत—नेहा बोरा का नाम 2026 में कई बड़े प्रदर्शनों के दौरान सामने आया है। 29 वर्षीय नेहा बोरा वर्तमान में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पीएचडी शोधार्थी हैं। शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली नेहा ने छात्र राजनीति से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

खटीमा से JNU तक का सफर

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नेहा बोरा मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली हैं। उनके पिता के सेना से जुड़े होने और बचपन का कुछ समय अलग-अलग स्थानों पर बीतने की जानकारी सामने आई है। थिएटर और परफॉर्मेंस में भी उनकी रुचि रही है।

नेहा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली से परफॉर्मेंस स्टडीज में मास्टर डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने JNU के School of Arts and Aesthetics में दाखिला लिया, जहां वह थिएटर एवं परफॉर्मेंस से जुड़ी पीएचडी कर रही हैं।

छात्र राजनीति से AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष तक

नेहा बोरा छात्र जीवन के दौरान सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों से जुड़ीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 2019 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शनों में भी उन्होंने हिस्सा लिया था।

इसके बाद उनका जुड़ाव AISA से बढ़ा और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं। AISA का राजनीतिक संबंध CPI(ML) Liberation से है।

अगस्त 2026 में एक सार्वजनिक बातचीत में नेहा ने छात्र राजनीति, AISA की भूमिका, चुनावी राजनीति और अपने राजनीतिक विचारों पर विस्तार से बात की थी। उन्होंने कहा था कि छात्र आंदोलन को व्यापक सामाजिक और राजनीतिक बदलाव से अलग करके नहीं देखा जा सकता।

जुलाई 2026 में 23 दिन की भूख हड़ताल

2026 में नेहा बोरा की पहचान तेजी से बढ़ी, जब वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र और शिक्षा से जुड़े आंदोलन में शामिल हुईं। शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने सोनम वांगचुक और अन्य छात्र नेताओं के साथ करीब 23 दिन तक भूख हड़ताल की।

इस आंदोलन में परीक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। लंबे आंदोलन के दौरान नेहा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे।

मोहम्मद जुनैद से मुलाकात ने खींचा ध्यान

जुलाई 2026 में नेहा बोरा की मोहम्मद जुनैद से मुलाकात भी चर्चा में रही। जुनैद जंतर-मंतर पर हुए CJP आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए खाना और पानी उपलब्ध कराने को लेकर सामने आए थे।

29 जुलाई 2026 को नेहा बोरा गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र स्थित नाहल गांव में जुनैद के घर पहुंचीं और उनसे मुलाकात की। रिपोर्टों के मुताबिक इस मुलाकात का मकसद जुनैद के प्रति एकजुटता जताना और उन्हें कानूनी मदद का भरोसा देना था।

सोशल मीडिया पर नेहा बोरा और जुनैद के रिश्ते को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं और कुछ पोस्ट में जुनैद का नाम नेहा से जोड़ा गया है।

7 अगस्त को रांची में फेंकी गई स्याही

जंतर-मंतर आंदोलन के बाद नेहा बोरा झारखंड में छात्र और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आंदोलन में पहुंचीं। 7 अगस्त 2026 को रांची में JPSC और JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने उन पर कथित तौर पर स्याही फेंक दी।

घटना के बाद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया। नेहा ने घटना के बाद भी छात्र मुद्दों को लेकर अपनी आवाज जारी रखने की बात कही।

आजमगढ़ में छात्र-युवा अभियान

13 सितंबर 2026 को नेहा बोरा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ पहुंचीं। यहां AISA की ‘Gen-Z महाजुटान’ में उन्होंने छात्रों और युवाओं से संवाद किया।

कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और न्याय से जुड़े मुद्दे उठाए गए। नेहा ने शिक्षा व्यवस्था और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने की बात कही।

चुनावी राजनीति में उतरने पर क्या कहा?

नेहा बोरा से भविष्य में चुनाव लड़ने को लेकर भी सवाल किए गए हैं। उन्होंने कहा था कि यदि उनकी पार्टी को लगता है कि चुनाव के जरिए जनता और छात्रों के मुद्दों को आगे बढ़ाया जा सकता है तो वह चुनाव लड़ने पर विचार कर सकती हैं।

हालांकि फिलहाल उन्हें किसी आगामी चुनाव का घोषित उम्मीदवार नहीं बताया गया है। उनकी मौजूदा पहचान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष और छात्र नेता के तौर पर है।

गोरखपुर विवाद में भी आया नाम

2026 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से जुड़े एक मामले में भी नेहा बोरा का नाम सामने आया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उनके खिलाफ शिकायत और कार्रवाई की मांग की गई।

हालांकि शिकायत या कार्रवाई की मांग को दोष सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। इस मामले में अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया से तय होगी।

2 अक्टूबर से SIR के खिलाफ प्रदर्शन

2 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

नेहा बोरा इस आंदोलन में AISA की ओर से सक्रिय रहीं।

3 और 4 अक्टूबर को हिरासत

3 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। नेहा बोरा भी हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों में शामिल थीं।

इसके अगले दिन 4 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। रिपोर्टों के अनुसार बैरिकेड पार करने के प्रयास के दौरान नेहा बोरा को फिर हिरासत में लिया गया।

AISA की ओर से आरोप लगाया गया कि नेहा को बिना नंबर प्लेट वाले वाहन में ले जाया गया और वाहन में महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। दूसरी ओर पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर बैरिकेड तोड़ने और पुलिसकर्मियों से झड़प करने के आरोप लगाए गए।

बाद में नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया। AISA की ओर से दावा किया गया कि रिहाई के समय उनका फोन और बैग उनके पास नहीं था।

किन मुद्दों पर मुखर हैं नेहा बोरा?

नेहा बोरा की सार्वजनिक सक्रियता में शिक्षा, छात्र अधिकार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक, रोजगार, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक अधिकार प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

वह 'आजादी' के नारे, नक्सलबाड़ी आंदोलन और उमर खालिद जैसे राजनीतिक मुद्दों पर भी सार्वजनिक रूप से अपनी राय रख चुकी हैं। इन विषयों पर उनके विचार उनके व्यक्तिगत राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखे जाते हैं।

JNU की शोधार्थी से AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचीं नेहा बोरा 2026 में जंतर-मंतर की भूख हड़ताल, झारखंड के छात्र आंदोलन, उत्तर प्रदेश में छात्र-युवा कार्यक्रमों और SIR विरोधी प्रदर्शनों के कारण लगातार चर्चा में रही हैं।

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Comments

  • S Sonu kumar Kihfv hhfv
  • J Jagdish Chandra rathore Good
  • A Ashok Sax
  • D Devendra Kumar Bsp
  • S Sri bhagwan क्या इंडिया वाले यही सब सहने के लिये पैदा हुए है नितिन गडकरी साहब , कंपनी पर ऐसा फाइन लगाओ दूसरे भी याद रखे
  • P Pankaj kumar पुलिस
  • M Manish kumar parjapity Superb
  • P Pankaj kumar Jay shri ram