क्या टॉयलेट सीट के इस्तेमाल से भी हो सकता है यूरिन इंफेक्शन...
यूरिन इंफेक्शन बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम है जो महिलाओं और पुरुषों को परेशान करती है। लेकिन ज्यादातर मामलों में ये समस्या महिलाओं में देखने को मिलती है। जिसके कई सारे कारण बताए जाते हैं। भले ही यूरिन इंफेक्शन से लाइफ को खतरा ना हो लेकिन ये एक दर्दनाक और काफी अनकंफर्टेबल इंफेक्शन है। जिसकी वजह से मूत्र मार्ग में जलन, चुभन और रुक-रुककर पेशाब होने की समस्या सबसे ज्यादा होती है।
वहीं कुछ महिलाओं में इंटीमेट एरिया में खुजली जैसी समस्या भी होती है। हालांकि इस बारे में कहना मुश्किल है कि किन लोगों को यूटीआई का खतरा सबसे ज्यादा होता है। लेकिन इससे बचने के लिए कुछ तरीके अपनाना जरूरी हैं।
यूरिन इंफेक्शन किसी भी तरह का संक्रमण वाला इंफेक्शन नही है लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि कि टॉयलेट सीट से इंफेक्शन फैलता है। डॉक्टरों के मुताबिक बैक्टीरिया ऐसी किसी सतह पर लंबे समय तक नहीं रहते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि महिलाओं का मूत्रमार्ग टॉयलेट सीट के सीधे संपंर्क में नहीं होता है इसलिए टॉयलेट सीट से संक्रमण होने की संभावना ना के बराबर है। हालांकि एक्सपर्ट का मानना है कि इंटीमेट एरिया में लगे किसी तरह के कट या चोट की मदद से बैक्टीरिया शरीर में पहुंच सकते हैं।
टॉयलेट सीट दो तरह की होती है। इंडियन स्टाइल की टॉयलेट सीट में बॉडी टच नहीं होती। ऐसे में इंफेक्शन की संभावना नहीं होती। हालांकि वेस्टर्न स्टाइल की टॉयलेट सीट में बॉडी टच होती है। जिसकी वजह से संक्रमण की संभावना हो सकती है। इस बारे में डॉक्टर्स का कहना है कि जब भी वेस्टर्न स्टाइल की सीट पर बैठे तो टॉयलेट पेपर या टिशू पेपर बिछाकर बैठें। ऐसा करने से इंफेक्शन होने का खतरा कम हो जाता है।
एक्सपर्ट का मानना है कि लोगों को इंटीमेट एरिया की सफाई को लेकर सही जानकारी नही है। अक्सर पेशाब के बाद क्लीनिंग के लिए लोग वाइप्स का इस्तेमाल पीछे से आगे की तरफ करते हैं। जिससे एनल एरिया के बैक्टीरिया पीहोल तक आ जाते हैं। वहीं लंबे समय तक पेशाब को रोककर रखने और डिहाइड्रेशन की वजह से इंफेक्शन होता है।
यूरिन इंफेक्शन से बचने का सबसे कारगर तरीका है हाइड्रेशन। दिनभर में आठ से दस गिलास पानी पीने से इंफेक्शन की तकलीफ से बचा जा सकता है। वहीं देर तक पेशाब को रोककर ना रखें। ऐसा करने से बैक्टीरिया के पनपने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
यूरिन इंफेक्शन होने पर सही एंटीबायटिक दवाओं के जरिए इसे ठीक किया जा सकता है। हालांकि इसके बार-बार हो जाने की संभावना रहती है। वहीं कुछ घरेलू नुस्खे पेशाब में जलन जैसी समस्या से राहत दिला सकते हैं।
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