Adulterated food items मिलावटी खाद्य पदार्थ की रोक थाम के लिए मोबाइल लैब वैन होगी तैनात
adulterated food items होली हो या दीपावली या कोई अन्य त्यौहार मिलावट खोरों की तो मानो चाँदी हो जाती है एसी रंगी चुनी लुभाना और आकर्षक मिलावटी चीज़े दुकान की शोभा और आप की लालच दोनो बढ़ा देते हैं
लेकिन इस बार प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीवाली व दशहरा से एक माह पहले सैंपलिंग करनी शुरू कर दी है, ताकि दीवाली से पहले मिलावटी मिठाइयों adulterated food items की बिक्री रोकी जा सके। इसलिए विभाग ने अक्तूबर के 9 दिनों में 8 जगहों से 35 खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए पंचकूला लैब में भेज दिए हैं।
विभाग का फोकस मावा पर अधिक है, क्योंकि पानीपत में मावा की मार्केट काफी बड़ी है। मावा के सैंपल पिछले कई साल से फेल भी हो रहे हैं। सनौली रोड पर मावा की कई बड़ी फैक्टरी हैं। उत्तर प्रदेश के शामली से पानीपत में मावा की खेप आती है। पानीपत में उसकी मिठाई तैयार होकर सोनीपत, करनाल, जींद व रोहतक सप्लाई होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में दो साल पहले इस खेल का भंडाफोड़ भी हो चुका है।
खाद्य सुरक्षा विभाग पहले दीवाली से दो-तीन दिन पहले ही मिठाई के सैंपल लेता था। सैंपल की रिपोर्ट 15-20 दिन में आती थी। तब तक मिठाई की खपत हो चुकी होती थी। हालांकि बाद में मिठाई के कारोबारियों को नोटिस जारी होते थे, लेकिन वे तब तक मोटा मुनाफा कमा चुके थे।
त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है और ऐसे में मापतोल और खाद्य सुरक्षा विभाग तैयारी कर चुका है। दोनों विभाग अब छापामारी और सैंपलिंग की कार्रवाई को और तेज करने जा रहे हैं त्योहारों के दिनों में मिठाइयों की दुकानों पर अक्सर दुकानदार डिब्बे के साथ ही मिठाइयां तोल देते हैं। ऐसे में एक ग्राहक को कम से कम सौ ग्राम मिठाई का चूना लगता है, जबकि नियम है कि मिठाई को तोलने के बाद उसे डिब्बे में पैक करना होता है, लेकिन ऐसा नहीं होता। इसी को लेकर मापतोल विभाग इस बार कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मोबाइल लैब वैन के शिविर अधिक संख्या में लगाए जाएंगे। वहीं सैंपलिंग भी जल्द ही शुरू की जाएगी। इसके लिए विभाग अपनी टीम तैयार कर चुका है। मोबाइल वैन विभिन्न स्थानों पर रुकेगी ताकि आम जनता खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को चैक करवा सके। मौके पर ही रिपोर्ट दे दी जाएगी। इससे जनता में भी जागरूकता आएगी।
अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2021 तक खाद्य सुरक्षा विभाग ने 175 सैंपल लिए हैं। इसमें से 45 सैंपल फेल हुए। 2019 में दीवाली से पहले 38 सैंपल लिए। इसमें से 11 फेल मिले। 2018 में दीवाली से पहले 41 सैंपल लिए, इनमें से 12 सैंपल फेल हुए।
सैंपलिंग शुरू कर दी है। मावा, पनीर, दूध आदि खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपल को पंचकूला लैब में भेज दिया गया है। जल्द रिपोर्ट आएगी। जिनके सैंपल फेल होते हैं। उन पर कार्रवाई होगी। उनकी सैंपलिंग की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी।
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